महाकाल के दरबार में पहुंचे अभिनेता सुनील शेट्टी और आशुतोष राणा

शेट्टी ने बॉर्डर-2 की सफलता के लिए मांगा आशीर्वाद, राणा ने नंदी हाल में लगाया ध्यान
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। फिल्म जगत के दो दिग्गज अभिनेता सुनील शेट्टी और आशुतोष राणा ने बुधवार को भगवान महाकाल के दर्शन किए। महाकाल दर्शन के उपरांत सुनील शेट्टी ने भगवान कालभैरव के मंदिर जाकर भी माथा टेका। शेट्टी परिवार के साथ आए और उन्होंने अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म बॉर्डर-2 की सफलता और बेटे अहान शेट्टी के करियर के लिए बाबा महाकाल का विशेष आशीर्वाद लिया।
उल्लेखनीय है कि सुनील शेट्टी पिछले वर्ष 19 जनवरी 2025 को भस्म आरती में शामिल हुए थे, तब उन्होंने हर साल बाबा महाकाल के दरबार में हाजिरी लगाने का संकल्प लिया था। अपने उसी वचन को निभाते हुए वे इस वर्ष 21 जनवरी को पुन: उज्जैन पहुंचे। सुनील शेट्टी ने नंदी हॉल में बैठकर भगवान का ध्यान किया और नंदी महाराज के कानों में अपनी मनोकामना कही। इस दौरान उन्होंने नंदी जी को जल भी अर्पित किया। उनके साथ परिवार और मित्रों सहित कुल 8 लोग मौजूद थे।
देश के जवानों को समर्पित है फिल्म
मीडिया से चर्चा करते हुए अभिनेता शेट्टी ने कहा, बॉर्डर-2 फिल्म देश के वीर जवानों को समर्पित है। फिल्म की सफलता और पूरी टीम के बेहतर भविष्य के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने बताया कि उनके बेटे अहान भी इस फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, इसलिए पिता के रूप में वे महादेव का आशीर्वाद लेने आए हैं।
यहां जो मिला अद्भुत मिला-आशुतोष राणा
प्रख्यात अभिनेता आशुतोष राणा ने बुधवार को बाबा महाकाल के गर्भगृह की देहरी से दश्रन किए। दर्शन के दौरान आशुतोष राणा भक्ति के रंग में डूबे नजर आए। उन्होंने काफी देर तक नंदी हॉल में बैठकर भगवान महाकाल का ध्यान किया। दर्शन के बाद मंदिर प्रबंध समिति द्वारा उनका पारंपरिक रूप से सम्मान किया गया। मंदिर परिसर के बाहर रोहित मित्तल मित्र मंडल द्वारा अभिनेता राणा और उनके साथ आए उद्योगपति ललित अग्रवाल का पुष्पमालाओं से स्वागत किया।
तीनों काल जहां विराजित हों, वही महाकाल हैं
मीडिया से चर्चा करते हुए आशुतोष राणा ने बड़ी ही शालीनता से कहा, देवाधिदेव महादेव का यह दरबार दिव्य है। मैं यहां जब भी आता हूँ, केवल धन्यवाद देने आता हूँ। महाकाल जी ने जीवन और सफलता के रूप में जो कुछ दिया है, वह अद्भुत है। जहाँ भूत, भविष्य और वर्तमान तीनों काल एक साथ विराजित हों, वही महाकाल हैं। ऐसे महादेव के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना मेरा सौभाग्य है।









