Advertisement

महाकाल में स्ट्रीट डॉग से सावधान

गुजरात की महिला श्रद्धालु को बनाया निशाना

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

सहायक प्रशासक बोले- सदावल छुड़वा देते हैं फिर आ जाते हैं

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सावधान… अगर आप श्री महाकालेश्वर मंदिर में भगवान के दर्शन करने जा रहे हैं तो सतर्क हो जाइए, ऐसा इसलिए क्योंकि मंदिर परिसर इन दिनों स्ट्रीट डॉग की पनाहगाह बना हुआ है। मंदिर परिसर से लेकर कोटितीर्थ कुंड तक इनकी पहुंच हैं जहां यह बेखौफ भागमभाग करते नजर आ जाएंगे। ऐसे में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु इनसे खौफजदा हैं। गुरुवार को ही इन्होंने एक महिला श्रद्धालु को शिकार बनाया है जिसके बाद शुक्रवार को जब अक्षर विश्व टीम मंदिर परिसर पहुंची तो स्ट्रीट डॉग कहीं आराम फरमा रहे थे तो कहीं भागमभाग कर रहे थे।

Advertisement

दरअसल, श्री महाकालेश्वर मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाकाल लोक बनने के बाद से श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्डतोड़ इजाफा हुआ है। देशभर से श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। प्रमुख पर्व और त्यौहार के दौरान यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है। बावजूद इसके व्यवस्थाओं में खामियां हैं। इसी का नतीजा है कि मंदिर में स्ट्रीट डॉग श्रद्धालुओं के बीच घूमते रहते हैं।

पिछले साल के कुछ मामले

Advertisement

जनवरी 2024 में अपने परिवार के साथ महाकाल मंदिर आईं इटली की ७६ वर्षीय एड्रोसोन फिंची को डॉग ने काट लिया था।

30 जून 2024 को दिल्ली से अपने पति के साथ आई डॉक्टर जूही सारस्वत को महाकाल मंदिर परिसर स्थित मंदिरों के दर्शन के दौरान स्ट्रीट डॉग ने पैर पर काट लिया था।

जुलाई 2024  में तेलंगाना की रंगारेड्डी जिले से आए श्रद्धालु मुलुगु राजकिरण को भस्मारती के बाद परिसर में घूम रहे थे तभी कुत्ते ने उन्हें काटा था।

राजकोट की श्रद्धालु को काटा

गुरुवार को राजकोट की रहने वाली संगीता बेन पति हेमंत भाई परिवार के साथ महाकाल दर्शन करने मंदिर पहुंची थीं। मंदिर परिसर में उन्हें स्ट्रीट डॉग ने हमला कर दिया और काट लिया। अचानक हुए हमले से दूसरे श्रद्धालु डर गए। घायल हालत में संगीता बेन को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

मंदिर परिसर में घूमने वाले स्ट्रीट डॉग को नगर निगम के माध्यम से कई बार सदावल छुड़वाया लेकिन यह लौट आते हैं। आज फिर नगर निगम को इन्हें पकडऩे के लिए कहा जाएगा।
मूलचंद जूनवाल, सहायक प्रशासक, श्री महाकालेश्वर मंदिर

Related Articles

Write a review