भैरव अष्टमी… भक्ति की खुशबू से महके मंदिर

कालभैरव, विक्रांत भैरव, आताल-पाताल भैरव मंदिर को फूलों से सजाया, दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। भैरव अष्टमी पर शनिवार को भैरव मंदिरों में भक्ति का उल्लास छा गया। अलसुबह पट खुलने के साथ मंदिरों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लग गई। इसके बाद दिनभर धार्मिक अनुष्ठान का क्रम जारी रहा। इस बार भैरव अष्टमी पर ऐंद्र योग भी बन रहा है। इसके अलावा शनिवार का दिन बाबा भैरव की साधना के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसके चलते भी दर्शनों की संख्या में भारी इजाफा रहा।
आताल-पाताल भैरव मंदिर
सिंहपुरी स्थित श्री आताल-पाताल भैरव मंदिर में श्री गुर्जर गौड़ ब्राह्मण समाज एवं आताल-पाताल महाभैरव भक्त मंडल के तत्वावधान में तीन दिवसीय आयोजन की शुरुआत शनिवार से हुई। मंदिर को फूलों से विशेष रूप से सजाया गया। सुबह १० बजे मंत्रोच्चार के बीच बाबा का अभिषेक किया गया। मध्य रात्रि १२ बजे अन्नकूट, महाआरती एवं प्रसाद वितरण किया जाएगा। २४ नवंबर को शाम ६ बजे बाबा की सवारी निकाली जाएगी। २५ नवंबर को शाम ७ बजे बटुक कन्या भोज का आयोजन किया जाएगा।
श्री विक्रांत भैरव मंदिर
श्री विक्रांत भैरव मंदिर में भैरव अष्टमी पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शनिवार सुबह 8 बजे आरती की गई। 10 बजे रूद्राभिषेक और सुंदरकांड पाठ हुआ। दोपहर 12 बजे चोला चढ़ाया गया और 2 बजे हवन हुआ। दोपहर 3 बजे आरती कर ५६ भोग लगाया जाएगा। शाम 6 बजे भजन, शाम 7 बजे रामायण पाठ एवं रात 11 बजे हवन और मध्यरात्रि 12 बजे आरती के साथ जागरण होगा। 24 नवंबर की सुबह 8 बजे आरती के साथ आयोजन का समापन होगा।
कालभैरव मंदिर
कालभैरव मंदिर में भैरव अष्टमी पर दो दिवसीय उत्सव मनाया जा रहा है। अलसुबह 6 बजे मंदिर के पट खुले और पूजन व आरती का क्रम शुरू हुआ। गेंदा और गुलाब से गर्भगृह को विशेष तौर पर सजाया गया। साथ ही भगवान कालभैरव का आकर्षक शृंगार किया गया।
सुबह से ही दर्शनों के लिए भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था, जैसे-जैसे समय बीतता गया श्रद्धालुओं की कतार बढ़ती चली गई। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर के बाहर और अंदर पुलिसकर्मी और सुरक्षागार्ड तैनात रहे। इधर, आयोजन के तहत मध्यरात्रि में बाबा की महाआरती की जाएगी। रात 2 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। इसके बाद 24 अक्टूबर को सुबह 6 बजे पट खुलेंगे।
बाबा का पूजन-अर्चन कर 56 भोग अर्पित किए जाएंगे। कलेक्टर के पूजन करने के पश्चात शाम 4 बजे रजत पालकी में विराजमान होकर बाबा कालभैरव नगर भ्रमण पर निकलेंगे। सवारी विभिन्न मार्गों से होकर पुन: मंदिर पहुंचेगी जहां महाआरती की जाएगी।









