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बड़ा सवाल….नंदी हॉल में कलर स्प्रे लाने वाला किसका था यजमान….?

महाकाल मंदिर अग्निकांड, मजिस्ट्रियल जांच प्रारंभ

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में सोमवार को धुलेंडी पर हुई आगजनी की घटना की जांच के बीच के बीच सबसे बड़ा तथ्य यह सामने आया कि आग किसी सामग्री के संपर्क में आने से ही भड़की थी। यह भी बात सामने आई है कि धुलेंडी के दिन भस्मआरती के दौरान नंदी हॉल में उड़ाने के लिए एक यजमान (भक्त) बड़ी संख्या में कलर स्प्रे लेकर पहुंचा था। इस यजमान को किसकी सिफारिश/अनुमति से प्रवेश मिला था,यह अभी स्पष्ट नहीं है।

 

महाकाल मंदिर में धुलेंडी को भस्म आरती के दौरान गर्भगृह में आग लगने के कारण 14 लोग घायल हुए थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीएम मोहन यादव ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देकर तीन दिन में रिपोर्ट पेश करने को कहा था। जांच जिला पंचायत सीओ मृणाल मीणा और एडीएम अनुकूल जैन कर रहे है। दोनों ने मंगलवार से ही जांच शुरू कर घटना से जुड़े लोगों के बयान लेना शुरू कर दिए हैं। आगजनी की घटना में महाकाल मंदिर से सोमवार सुबह हुई भस्म आरती के दौरान के गर्भगृह में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा गया है। वहीं, मंदिर से जुड़े और महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान सेवाएं देने वाले कर्मचारी पण्डे पुजारियों से भी पूछताछ की गई है। साथ ही, आग लगने के दौरान उपयोग किए गए गुलाल का सैंपल लेकर जांच के लिए लैबोरेटरी भेजा है। गुरुवार तक अधिकारियों को जांच रिपोर्ट कलेक्टर नीरज सिंह को पेश करनी है।

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24 से ज्यादा लोगों के बयान

जांच के लिए महाकाल मंदिर के कंट्रोल रूम पहुंचे जिला पंचायत सीओ मृणाल मीणा और एडीएम अनुकूल जैन सोमवार की भस्म आरती के दौरान ड्यूटी पर तैनात और गर्भगृह और उसके आसपास कार्यरत कर्मचारियों को बयान के लिए बुलाया गया। अधिकारियों ने सभी से अकेले में बयान लिए है। मंदिर से जुड़े दो दर्जन लोगों के बयान लिए गए।

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जिला पंचायत सीईओ मृणाल मीणा ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्राथमिक रिपोर्ट यथा शीघ्र सौंपी जाएगी। इसकी विस्तृत जांच रिपोर्ट भी बनाई जाएगी। अपर कलेक्टर अनुकूल जैन ने बताया कि जांच के संबंध में दुर्घटना के वीडियो फुटेज का अवलोकन किया गया है। नियमित श्रद्धालु, पुजारी और मंदिर समिति के कर्मचारियों के भी बयान लिए जा रहे हैं।

केमिकल युक्त सामग्री से भड़की आग!
मजिस्ट्रियल जांच के दौरान प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया है कि आग किसी केमिकल युक्त सामग्री के संपर्क में आने से भड़की थी। सूत्रों के मुताबिक महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने भस्मआरती के लिए सोमवार सुबह 200 किलो गुलाल दी थी, लेकिन गर्भगृह में प्रवेश करने वाले कुछ लोग गुलाल साथ लाए थे।

सूत्रों का यह भी कहना है कि एक भक्त ने रविवार और सोमवार को गुलाल के स्प्रे उपलब्ध करवाए थे। यह अभी साफ नहीं हुआ है कि इस भक्त (यजमान) किसी की अनुमति/सिफारिश से स्प्रे लाने दिया गया था।घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज पहले ही मंदिर प्रशासक ने जांच टीम को सौंप दिए।

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