खेत में जुताई रोकने पर खूनी संघर्ष, मां-बेटों ने युवक को उतारा मौत के घाट

उज्जैन। दोस्त के साथ कार से बिछड़ौद स्थित खेत पर पहुंचे युवक पर खेत हाक रहे मां-बेटों ने दराते व पत्थरों से हमला कर दिया जिसमें एक युवक की मृत्यु हो गई जबकि दूसरा गंभीर घायल हुआ। घट्टिया थाना पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर तीनों को हिरासत में लिया है।
बाबू उर्फ गुलाम नबी निवासी ग्रीन पार्क इंदौर की घट्टिया थाना क्षेत्र के बिछड़ौद में 3 बीघा जमीन है जिस पर गीता बाई पूर्व से खेती करती थी। कुछ वर्षों पूर्व बाबू ने उसे खेत हाकने से इंकार कर दिया था। शनिवार दोपहर बाबू अपनी कार से शाजापुर गया और वहां से दोस्त मुजीब मंसूरी पिता समद अली (४८) निवासी शाजापुर को उज्जैन चलने का कहकर साथ लिया। दोनों कार से बिछड़ौद से गुजर रहे थे तभी बाबू ने देखा कि गीताबाई और उसके बेटे ओमप्रकाश व जसवंत उसका खेत हाक रहे हैं। बाबू और मुजीब उन्हें रोकने पहुंचे तो विवाद शुरू हो गया। इसी बीच गीताबाई व उसके बेटों ने दोनों दोस्तों पर दराते व पत्थरों से हमला कर दिया जिसमें मुजीब मंसूरी की मृत्यु हो गई व बाबू गंभीर घायल हुआ।
जबरन में चली गई जान
मुजीब के भाई रोशन मंसूरी ने बताया कि गुलाम नबी उसके भाई को उज्जैन जाने का कहकर घर से लाया था। मुजीब के 4 बच्चे हैं। दोनों को यह भी नहीं पता था कि खेत हाकने से रोकने पर इस तरह विवाद होगा। घट्टिया थाना प्रभारी करण खोवाल ने बताया कि मुख्य आरोपी गीताबाई को अभिरक्षा में लिया है। मृतक का जमीन विवाद से कोई लेनादेना नहीं था।









