मंदिर के आसपास से हटेंगे ठेले-गुमटी और अतिक्रमण

आखिरकार महापौर ने ली सुध, अधिकारियों के साथ हरसिद्धि क्षेत्र का किया निरीक्षण

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार महापौर ने शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारियों के साथ हरसिद्धि क्षेत्र का दौरा किया। यहां सड़कों के बीच लगने वाले ठेले, गुमटी, और मंदिर के सामने लगने वाली दुकानों के आगे किए गए अतिक्रमण को हटाने के निर्देश दिए। इन्हीं के कारण श्रद्धालुओं को सबसे ज्यादा दिक्कत होती है और दिनभर यातायात भी बाधित रहता है।
दरअसल, महापौर मुकेश टटवाल एमआईसी सदस्य रजत मेहता, अपर आयुक्त संदीप शिवा, उपायुक्त संजेश गुप्ता, सहायक आयुक्त प्रदीप सेन और अतिक्रमण गैंग प्रभारी एवं रिमूवल गैंग के साथ निरीक्षण कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि रोज हजारों की तादाद में श्रद्धालु यहां आते हैं, उन्हें आसानी से दर्शन हों, इस बात का ख्याल रखते हुए जिन स्थानों को अतिक्रमण मुक्त रखना है, उसका स्थायी समाधान करते हुए कार्रवाई करें। महाकाल मंदिर और हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त होना चाहिए।
महिलाओं ने हाथ जोड़कर गुहार लगाई
महापौर मुकेश टटवाल ने निरीक्षण के दौरान दुकानदारों और गुमटी वालों से बात की। इस दौरान भारी भीड़ जमा हो गई। सड़क पर बैठकर पूजन सामग्री बेचने वाली महिलाओं ने हाथ जोड़कर महापौर से उन्हें ना हटाने की गुहार लगाई। महापौर ने उनकी बातों को ध्यान से सुना और आगे बढ़ गए।
मंदिर के सामने पूजन सामग्री और ई-रिक्शा वालों का कब्जा
हरसिद्धि मंदिर के सामने से चारधाम मंदिर तक सड़कों पर पूजन सामग्री और अन्य वस्तुएं बेचने वालों के साथ ई-रिक्शा वालों का कब्जा है जिससे श्रद्धालुओं का सड़कों से निकलना बेहद मुश्किल होता है। पूजन सामग्री वाले कपड़ा बिछाकर या टेबलें रखकर सड़क घेर लेते हैं, ऐसे में दोपहिया वाहन तो छोड़िए, पैदल चलना भी मुश्किल होता है।
3 अक्टूबर को हुई थी कार्रवाई
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन ३ अक्टूबर को पुलिस ने मंदिर के आसपास के क्षेत्र में समझाइश और सख्ती से अतिक्रमण हटाया गया था। हालांकि, दिखाने की कार्रवाई के अगले ही दिन हालात फिर वैसे ही हो गए थे जो अब तक उसी तरह के बने हुए हैं। अतिक्रमण के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत श्रद्धालुओं और आम लोगों को हो रही है।
रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया है कि भेदभावपूर्ण कार्रवाई ना की जाए। जहां वास्तविक रूप से अतिक्रमण है, उसे ही हटाया जाए। बाकी व्यापार कर अपनी आजीविका चलाने वालों को अनावश्यक रूप से परेशान ना किया जाए। तीन दिन में अधिकारियों को रिपोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। – मुकेश टटवाल, महापौर









