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धर्मं/ज्योतिष

  • 58/84 महादेव :  श्री प्रयागेश्वर महादेव मंदिर

    या गीतर्योगयुक्तस्य सत्वस्थस्य मनीषिण:। माघमासे समेष्यन्ति प्रयागेश्वरदर्शनम्।।४३।। कत्र्तुये मानुषास्तेजामश्वरमेघ: पदे पदे।।४९।। (अर्थात – योगयुक्त योगी की जो गति है, वह…

  • 57/84 महादेव : श्री घण्टेश्वर महादेव मंदिर

    ये पश्यन्ति विशालाक्षि देवं घण्टेश्वरं शिवम्। ते घण्टाभिर्नादितास्त विभानै: सार्वकामिकै: ।।३२।। यारस्यन्तिसुचिंरकालममलोकं सनातनम्। (अर्थात – जो घण्टेश्वर शिव का दर्शन…

  • 56/84 महादेव : श्री रेवन्तेश्वर महादेव मंदिर

    ये मांद्रक्ष्यन्तिरेवन्त भक्तयापरमयायुता:। तेषामश्वा भविष्यन्ति विजयो यश ऊर्जितम्।। ऐश्वर्य दानशक्तिश्च पुत्रपौत्रमन्नतकम्। (अर्थात्- हे रेवन्त! जो यहंा मेरा दर्शन भक्तिभाव से…

  • 55/84 महादेव :श्री सिंहेश्वर महादेव मंदिर

    स्पर्शनादस्य लिङ्गस्यपुनात्यासप्रमंकुलम्।।३०।। मनसा चिन्तितान्कामांस्तांश्च प्राप्नोति पुष्कलान्। तदैव पुरुषों मुक्तो जन्मदु:खजरादिभि:।।३१।। (अर्थात्- इस लिंग का स्पर्श करने से सात कुल पर्यंत…

  • 54/84 महादेव :श्री कण्टकेश्वर महादेव मंदिर

    नैमिषऽथ कुरूक्षेत्रे गश्राद्वारेच पुष्करे। स्नानांत्संसेवनाद्वापि यत्पुण्यं च मतिष्यति।। तत्पुण्यं भविता सम्यक्छी कण्टेश्वर दर्शनात्।। (अर्थात्- नैमिष, कुरूक्षेत्र, गंगाद्वार, पुष्कर में स्नान-यज्ञादि…

  • 53/84 महादेव :श्री विश्वेश्वर महादेव मंदिर

    यत्रसम्पूज्यतेलिंग तस्यिन्देशेशुभा: क्रिया:।।४३।। न तत्र दुर्भिक्षभयं नापमृत्युभयं क्वचित। प्रेतयोनौच् वैताला न नागा नच दंष्ट्रिणे:।।४४।। (अर्थात, जहां यह लिंग पूजा की…

  • 52/84 महादेव :श्री ओंकारेश्वर महादेव

    पूजनात्स्पर्शनाद्वापि कीत्र्तनाच्छवणात्तथा। ऊं कारेश्वर देवस्थनरा: स्युर्मुक्तिभाजना:।। (अर्थात्- इस लिंग की पूजा, स्पर्श, गुण कीर्तन, उनका गुण श्रवण करने से मुक्ति…

  • 51/84 महादेव :श्री शूलेश्वर महादेव मंदिर

    त्वन्नाम ये ग्रहीष्यन्ति सर्वा भयपीडि़ता:।।३४।। व्याधिभि: पीडि़ता नित्यम दु:खैर्वा क्लेशिता भृशम्। न भविष्यन्ति भीस्तेषां घोर संसारसागरे ।।३५।। (अर्थात्- जो भय…

  • 50/84 महादेव : श्री स्थावरेश्वर महादेव मंदिर

    नग्रहा नपिशाचाश्च न याक्षान च राक्षसा:। विघ्नंकुर्वन्तितस्यापि मयतुष्टेनसंशय:।। (अर्थात – स्थारेश्वर महादेव के प्रसन्न होने पर ग्रह, पिशाच, यक्ष, राक्षस…

  • 49/84 महादेव : श्री पृथुकेश्वर महादेव मंदिर

    वाचिकं मानसं वापि कायिकं गुहयसम्भवम्। प्रकाशं वाकृतंपापं प्रसङ्गादपियत्कृतम्।। तत्सर्वं यास्यति क्षिप्रं पृथुकेश्वर दर्शनात्।। (अर्थात्- पृथुकेश्वर का दर्शन करने वाले व्यक्ति…

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