राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का इंदौर में जोरदार रोड शो, 50 लाख ग्रामीणों को मिली फ्री रजिस्ट्री की सौगात
स्वामित्व योजना के तहत पात्र ग्रामीण संपत्तियों का बिना स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क के होगा रजिस्ट्रेशन; इंदौर में करीब 30 हजार हितग्राहियों को मिलेगा लाभ

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इंदौर। मध्य प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों की संपत्तियों को कानूनी मालिकाना हक देने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने गुरुवार को इंदौर में स्वामित्व योजना के तहत मुफ्त रजिस्ट्री अभियान का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में शुरू हुए इस अभियान के तहत प्रदेश में करीब 50 लाख निजी ग्रामीण संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों का निशुल्क पंजीयन किया जाएगा।
इस प्रक्रिया में पात्र हितग्राहियों से स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसका खर्च राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी। इंदौर में शुरुआती कार्यक्रम के दौरान करीब 30 हजार लोगों को संपत्ति से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
ड्रोन सर्वे के बाद तैयार हुआ संपत्ति का रिकॉर्ड
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी भूमि का ड्रोन तकनीक से सर्वे कराया गया था। सर्वे के आधार पर वहां रहने वाले लोगों की संपत्तियों से जुड़े अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं।
अब इन अभिलेखों में दर्ज पात्र संपत्तियों के लिए पंजीकृत दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। इससे संबंधित हितग्राही को अपनी संपत्ति से जुड़ा औपचारिक कानूनी दस्तावेज मिल सकेगा।
प्रदेश में 68 लाख से ज्यादा अधिकार अभिलेख तैयार
सरकार के उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार किए जा चुके हैं। इनमें 48.32 लाख निजी संपत्तियों से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं। राज्य सरकार ने इन पात्र निजी संपत्तियों के निशुल्क पंजीयन का अभियान शुरू किया है।
पूरे प्रदेश में करीब 50 लाख निजी ग्रामीण संपत्तियों के पंजीयन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अलग-अलग चरणों में शिविर आयोजित किए जाएंगे।
सरकार उठाएगी रजिस्ट्री का पूरा खर्च
इस योजना की खास बात यह है कि पात्र हितग्राहियों को रजिस्ट्री के लिए स्टांप ड्यूटी या पंजीयन शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा। राज्य सरकार इस पूरी प्रक्रिया का खर्च वहन करेगी।रजिस्ट्री प्रक्रिया के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। योजना के तहत तैयार दस्तावेज संबंधित हितग्राहियों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी की गई है।
नितिन नबीन ने क्या कहा?
कार्यक्रम में नितिन नबीन ने कहा कि यह केवल संपत्ति के दस्तावेज देने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि ग्रामीण परिवारों को अपनी संपत्ति के अधिकार के साथ आत्मसम्मान से जीने का अवसर देने की दिशा में कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों को मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने जमीन पर लागू किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी इसे ग्रामीण परिवारों के लिए महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य पात्र ग्रामीण संपत्तियों को कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराना है।
इंदौर में रोड शो के बाद कार्यक्रम
स्वामित्व योजना के शुभारंभ से पहले नितिन नबीन का इंदौर एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वागत किया। इसके बाद वे रोड शो के माध्यम से गांधी नगर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक कार्यक्रम के दौरान इंदौर और आसपास के करीब 30 हजार हितग्राहियों को संपत्ति संबंधी दस्तावेज देने की प्रक्रिया शुरू की गई।
स्वामित्व योजना की खास बातें
- प्रदेश में करीब 50 लाख निजी ग्रामीण संपत्तियों का मुफ्त पंजीयन
- पात्र हितग्राहियों से स्टांप ड्यूटी नहीं ली जाएगी
- पंजीयन शुल्क भी सरकार वहन करेगी
- ग्रामीण आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कराया गया
- अब अधिकार अभिलेखों के आधार पर पंजीकृत दस्तावेज तैयार होंगे
- इंदौर में शुरुआती चरण में करीब 30 हजार हितग्राहियों को लाभ
- प्रदेश में अब तक 68.11 लाख अधिकार अभिलेख तैयार होने की जानकारी
यह अभियान मध्य प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के दस्तावेजीकरण और पंजीकृत अधिकार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का अगला चरण है।









