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महाकालेश्वर सवारी मार्ग की चौड़ीकरण योजना में बदलाव

सिंहस्थ की तैयारी

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4.8 किमी लंबा है सवारी मार्ग

84  करोड़ रुपए का प्रस्ताव

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उज्जैन। उज्जैन में 2028 में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। इस बार महाकाल सवारी मार्ग चौड़ीकरण पर सरकार ने फोकस कर लिया है। इसके लिए लंबे समय से चल रही योजना में बड़ा बदलाव यह किया गया है कि इसका काम स्मार्ट सिटी से लेकर नगर निगम को सौंपा गया है। संभाग स्तरीय समिति ने इस फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। अब राज्य स्तरीय समिति इस पर अंतिम निर्णय लेगी।

भगवान महाकाल की सवारी करीब पांच किलोमीटर मार्ग से होकर शिप्रा नदी तट रामघाट पहुंचती है। यह मार्ग काफी संकरा है और सवारी के दौरान दर्शनार्थियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिछले दो साल से इस प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। स्मार्ट सिटी को यह प्रोजेक्ट सौंपा गया था।

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स्मार्ट सिटी ने 84 करोड़ रुपए का प्रस्ताव तैयार कर हाल ही अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा की अध्यक्षता में हुई संभागीय समिति की बैठक में यह प्रोजेक्ट नगर निगम को सौंपने का महत्वपूर्ण फैसला किया गया। इसकी औपचारिक सूचना भी नगर निगम प्रशासन के पास पहुंच गई है। पिछले करीब दो साल से महाकाल सवारी मार्ग चौड़ीकरण की योजना पर स्मार्ट सिटी प्रशासन काम कर रहा था, लेकिन इसको लेकर सरकार खुश नहीं थी। 2 और 3 फरवरी को अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रोजेक्ट पर गंभीरता से मंथन हुआ और आखिरकार तय किया गया कि नगर निगम के माध्यम से ही यह काम कराया जाए।

अब बनेगी नई योजना हो सकते बदलाव

नगर निगम अब नए सिरे से महाकाल सवारी मार्ग का सर्वे करेगा। सर्वे के आधार पर तय किया जाएगा कि मार्ग का चौड़ीकरण कितना किया जा सकता है। स्मार्ट सिटी ने इसे मास्टर प्लान 2035 के अनुसार 15 से 24 मीटर तक चौड़ा करने की योजना बनाई थी। इस पर 84 करोड़ रुपए का खर्च प्रस्तावित किया था। निगम अब नए सिरे से योजना तैयार करेगा। इसके बाद ही तस्वीर साफ होगी। स्मार्ट सिटी ने पूरे मार्ग पर काले पत्थर लगाने की योजना भी तैयार की थी।

यह थी स्मार्ट सिटी की योजना

मार्ग चौड़ीकरण के बाद सभी मकान-दुकानों को एक ही रंग में रंगने की योजना थी।

दुकानों पर लगने वाले साइन बोर्ड भी एक ही आकार में करना तय किया था।

प्रमुख चौराहों को त्रिशूल, डमरू, नंदी जैसे कलाकृतियों से सजाने की थी योजना।

गणगौर दरवाजा, सती गेट, 24 खंभा माता मंदिर, चौरासी महादेव मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, जगदीश मंदिर सहित पुरातन स्वरूप में बनी सभी धरोहरों पर फसाड लाइट लगाने का प्रस्ताव भी था।

पूरे सवारी मार्ग पर अंडरग्राउंड वाटर सप्लाय, सीवरेज, इलेक्ट्रिसिटी लाइन बिछाई बिछाई जाना है।

नगर निगम को सौंपा प्रोजेक्ट

सिंहस्थ तैयारियों को लेकर एसीएस की अध्यक्षता में हुई संभागीय समिति की बैठक में महाकाल सवारी मार्ग चौड़ीकरण का काम नगर निगम को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इसे राज्य स्तरीय समिति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।-नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर एवं अध्यक्ष स्मार्ट सिटी बोर्ड

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