गोली लगने से दशरथ की मौत हुई थी हमला हुआ तो साथी भाग निकले थे

साराबारी के गांव में मिली थी एक युवक की लाश
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। उन्हेल रोड के साराबारी गांव के खेत में मिली अज्ञात व्यक्ति की लाश की शिनाख्त हो गई है। उसकी हत्या हुई है। किसी हथियार से हुई है अभी इसकी रिपोर्ट आना बाकी है। संदिग्ध आरोपी हिरासत में लिए गए हैं, उनके नामों का खुलासा नहीं हुआ है।
पुलिस के अनुसार रविवार की सुबह एक व्यक्ति की लाश मिली थी। आसपास के ग्रामीणों से शिनाख्त कराई जा रही थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। मृतक के रिश्तेदार ने ही शिनाख्त की और पूरे मामले का खुलासा हो गया। मृतक का नाम दशरथ मोंगिया (३०) है वह इंदिरा गार्डन बदनावर का रहने वाला है।
दशरथ हत्याकांड का अभी पुलिस ने खुलासा नहीं किया है लेकिन अक्षर विश्व को पुलिस सूत्रों से यह जरूर पता चला है कि गोली लगने से दशरथ की हत्या हुई थी। एफएसएल की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि किसी हथियार से कितनी गोली चली।
मेला देखने निकले थे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दशरथ, उसके मामा कमल पिता बापूसिंह निवासी बदनावर, ओमप्रकाश पिता दयाराम (१६) कार्तिक मेला देखने के लिए बाइक से उज्जैन आ रहे थे। इसी बीच साराबारी गांव के मोड़ पर वे लघुशंका के लिए रुके। खेत में हलचल देखकर उधर से गडरियों की टीम आने लगी। उन्हें यह आशंका हुई कि खेत में आने वाले भेड़ चोर हैं। ताबड़तोड़ उन पर हमला कर दिया गया। कमल के सिर पर लाठी लगी जिससे वह गंभीर घायल हो गया। वह जान बचाने के लिए खेत से भागा लेकिन दशरथ पीछे ही रह गया। इसी दौरान पटाखे जैसी तीन आवाज हुई। कमल का कहना है कि वह भागकर सड़क पर आया। यहां ओमप्रकाश बाइक लेकर खड़ा था।
ओम ने भर्ती करवाया
कमल के सिर से खून बह रहा था, लिहाजा उसका इलाज जरूरी था इसलिए ओमप्रकाश उसे बाइक से ही आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज ले गया जहां उसके सिर में तीन टांके लगाए गए। दोनों को यह चिंता हो रही थी कि दशरथ का क्या हुआ। रात में दशरथ अस्पताल में रहा। सुबह उसने छुट्टी करवाई और भैरवगढ़ थाने पहुंचा। उसने रात में ही जो कुछ हुआ था, पूरा घटनाक्रम बता दिया। पुलिस तो अज्ञात मृतक की शिनाख्त करना ही चाहती थी।
ऐसे हुई शिनाख्त
पुलिस ने कमल को अपने साथ लिया और मौका ए वारदात पर लेकर गई। लाश देखकर कमल ने कहा यही दशरथ है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस हत्याकांड में एक कहानी और सामने आई है। पता चला है कि दशरथ और उसके करीब आधा दर्जन साथी ईको कार से आए थे। कुछ भेड़ उस वाहन में रख ली गई थी, इस दौरान गडरिए आ गए थे। दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने लड़ाई हुई। दोनों पक्षों के लोग घायल हुए। इसी बीच किसी ने दशरथ पर गोली चला दी। दशरथ के गिरते ही साथी वहां से भाग निकले।
एसपी का कहना है
भैरवगढ़ पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। यह तय है कि दशरथ की हत्या हुई है। हथियार कौन-सा इस्तेमाल किया गया है, इसकी जांच चल रही है। प्रदीप शर्मा, एसपी









