सास के निधन पर भी महिला बीएलओ को नहीं मिली छुट्टी

क्योंकि एसआईआर का काम है….
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उज्जैन। वोटर लिस्ट के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम उज्जैन में भी सर्वोच्च प्राथमिकता से किया जा रहा है और इसके लिए बीएलओ पर कितना दबाव है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक महिला बीएलओ को सास के निधन के दो दिन बाद ही काम पर लौटना पड़ा।
एसआईआर ड्यूटी के दौरान देश के सात राज्यों में 22 दिन के दौरान सात राज्यों में 25 बीएलओ की मृत्यु हो चुकी है। हालांकि मौत के कारणों को लेकर अधिकृत रूप से कुछ सामने नहीं आया है लेकिन बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दबाव में बीएलओ मानसिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं। उज्जैन में भी इसके कई उदाहरण सामने आ रहे हैं। बीएलओ ड्यूटी कर रहीं उज्ज्वला पटेल की सास का निधन हो गया था। दो दिन बाद ही उसे ड्यूटी ज्वाइन करने का फरमान जारी हो गया। यहां तक चेतावनी भी दी गई कि ड्यूटी पर नहीं आई तो सस्पेंड कर दिया जाएगा। इसके बाद उसे ज्वाइन करना पड़ा।
घर ढूंढने में आ रही दिक्कतें
बीएलओ को लोगों के घर ढूंढने में ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रहीं। कॉलोनी या मोहल्ले में पहुंचने के बाद सड़क ही दिखाई नहीं देती। इससे घर ढूंढने में परेशानियां आ रहीं और घर मिलने के बाद कई लोग जानकारियां देने में आना कानी कर रहे।









