सामाजिक न्याय परिसर के पटाखा बाजार में आग एडीएम की रिपोर्ट नहीं आई, आखिर आग कैसे लगी

दुकानदार को 25 किलोग्राम बारुद ही रखने की दी थी अनुमति
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। सामाजिक न्याय परिसर के पटाखा बाजार में लगी आग को आज पांच दिन हो गए। तीन दिन में आने वाली रिपोर्ट अभी तक नहीं आई। बाजार से उठाए गए पटाखे बाजार में बिक गए और फूट भी गए। इस कांड ने उन अधिकारियों को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया है जिन्होंने अनुमति दी और जांच नहीं की।
दमकल किसके आदेश पर हटाई: सामाजिक न्याय परिसर में लगे पटाखा बाजार में एहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड की ओर से एक दमकल खड़ी की गई थी। जिस समय आग लगी, वहां दमकल नहीं थी। पूछने पर बताया गया कि शहर में उपराष्ट्रपति आने वाले हैं। इसलिए दमकल वहां लगी है। करीब 30 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की दूसरी दमकल आई जिसने पर काबू पाया। यदि मौके पर दमकल खड़ी होती तो दूसरी दुकान भी चपेट में नहीं आती।
किस दुकान में कितना माल रखा, जांच नहीं
दुकानों के लिए लाइसेंस जारी किया जाता है। एक दुकान के लिए २५ किलो बारुद रखने की अनुमति थी। दीपावली पर जबरदस्त आतिशबाजी हुई। लायसेंस जारी करने वाले अधिकारी या उनकी टीम ने जांच नहीं की। पता नहीं लगाया कि किस दुकान में कितना माल स्टॉक किया हुआ है।
बैकुंठ चतुर्दशी पर चले पटाखे
अग्निकांड के बाद दुकानें समेटने के लिए दुकानदार सामाजिक न्याय परिसरस पहुंचे। वाहनों में भर कर पटाखे सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए। बताया जाता है कि यहां जो पटाखे बचे थे वे घर में रहीं रखे। विभिन्न माध्यमों से होते हुए शौकीन लोगों तक पहुंच गए। बैकुंठ चतुर्दशी पर यही पटाखे खूब चले। किसी भी अधिकारी ने यह जानने की कोशिश नहीं की कि पटाखे आए कहां से? पुलिस ने कुछ लोगों को पटाखे छोडऩे के जुर्म में हिरासत में भी लिाय। यह नहीं पूछा कि पटाखे लाए कहां से?
बाइक किसकी थी
अग्निकांड में एक बाइक भी जल कर राख हुई। अभी तक यह खुलासा नहीं हुआ है कि वह गाड़ी किसकी थी। किस आरटीओ द्वारा जारी की गई। आग लगने का कारण क्या था। घटना के समय अंधेरा था। बिजली नहीं थी। जब बिजली नहीं थी, इसका मतलब शॉट सर्किट नहीं हुआ। फिर आगे कैसे लगी? एडीएम की जांच से खुलासा होगा कि आग लगी या लगाई गई। पटाखा व्यापारियों और शहर के लोगों को रिपोर्ट का इंतजार है। देवासगेट पुलिस ने गुदरी के एक व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज किया है। आगे क्या हुआ यह पता नहीं चला है।









