हरिफाटक से लालपुल मुरलीपुरा तक फोरलेन निर्माण कार्य शुरू

रेलवे ओवरब्रिज होगा टू लेन, ग्रामीण क्षेत्र भी मुख्य मार्गों से जुड़ेंगे
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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। प्रदेश सरकार द्वारा आगामी सिंहस्थ 2028 को लेकर न सिर्फ तैयारियां शुरू की गई हैं बल्कि बजट आवंटन भी कर दिया गया है। शासन ने सड़कों के निर्माण के लिए करीब 600 करोड़ रुपए का बजट रखा है। इसी के तहत शहर के प्रमुख मार्गों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की सड़कों को नवीनीकृत करते हुए उज्जैन पहुंच के मुख्य मार्गों को जोड़ा जाएगा।
सिंहस्थ महापर्व के दौरान ट्राफिक का अत्यधिक दबाव इंदौर रोड़ से हरिफाटक, लालपुल होते हुए मुरलीपुरा की तरफ रहता है। इस पूरे क्षेत्र में शैव सम्प्रदाय के अखाड़े रहते हैं। वहीं रामघाट, महाकालेश्वर, हरसिद्धि मंदिर जाने के लिए भी इसी मार्ग का उपयोग होता है। जिला प्रशासन द्वारा हरिफाटक से लालपुल होते हुए मुल्लापुरा तक का मार्ग फोरलेन का प्रस्ताव तैयार किया गया था। शासन ने इसे सिंहस्थ मद से स्वीकृति दी और वर्तमान में फोरलेन निर्माण का कार्य शुरू हो चुका है।
फोरलेन निर्माण में शासकीय विभाग पीएचई, जल संसाधन, वेधशाला, विद्युत वितरण कंपनी की भूमि आने के साथ ही कुछ निजी मकान व खेती की जमीन आ रही है। हरिफाटक से वेधशाला होते हुए चिंतामण व भूखी माता की ओर जाने वाला ब्रिज भी चौड़ा होगा। इसके लिए ठेकेदार द्वारा शिप्रा नदी में पिलर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके पास स्थित पुराने चिंतामण ब्रिज के पास अस्थाई मिट्टी का स्टॉपडेम बनाकर नदी के पानी को टर्न किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बनेंगी सड़कें
लोक निर्माण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उज्जैन-बड़नगर बायपास टू लेन, बड़ावदा-कलसी-नागदा से दोत्रू मार्ग का निर्माण। तपोभूमि से हामूखेड़ी तक बायपास टूलेन, लालपुल से चिंतामन गणेश मंदिर, बड़ा पुल से रणजीत हनुमान मंदिर से मोजमखेड़ी तक फोरलेन, वाकणकरण ब्रिज से दाउदखेड़ी, करोहन से नईखेड़ी पंचक्रोशी मार्ग, खाचरौद बायपास, सेदरी से बड़ावदा, बुरानाबाद से बेड़ावन्या, मक्सी-तराना से रूपाखेड़ी एवं कानीपुरा से तराना मार्ग आदि सड़कों का चौड़ीकरण कर निर्माण कार्य किया जाना है।









