‘बदले’ के लिए बदमाशों से तुड़वा रहे कांच

कहीं पत्थरबाज तो तैयार नहीं हो रहे शहर में, गाडिय़ों के कांच तोडऩे के मामले थम नहीं रहे
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उज्जैन। शहर के पॉश इलाकों में सडक़ पर खड़ी कारों के कांच तोडऩे की घटनाएं थम नहीं रही है। सर्वाधिक घटनाएं फ्रीगंंज क्षेत्र में हुई है। आखिर ये कौन लोग हैं जो कार को नुकसान पहुंचाकर खुश हो रहे हैं। अक्षर विश्व की पड़ताल में सामने आया है कि अधिकतर घटनाएं बदले की भावना से की जा रही है और छिटपुट बदमाशों को पत्थरबाज बनाकर उनका उपयोग किया जा रहा है। कुछ मामलों में बदमाशों द्वारा अपना वर्चस्व बनाने के लिए ऐसी घटनाएं की गई हैं।
शुक्रवार को ऋषिनगर मेें फिर कांच तोडऩे की दो घटनाएं हुई हैं। यहां दो दिन में चार कारों के कांच फोड़े जा चुके हैं। जबकि पिछले तीन माह में 10 से अधिक घटनाएं सिर्फ ऋषिनगर इलाके में ही हो चुकी है।
20 दिन में दोबारा कांच तोड़ गए
ऋषिनगर में शुक्रवार को रेलवे के रिटार्य कर्मचारी शैलेंद्र टोरने व स्वप्नेश वर्मा (अनंततारा रिसॉर्ट के मालिक) की कार के कांच बदमाशों ने तोड़े। कार घर के बाहर खड़ी थी। घटना का पता लगते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। शैलेंद्र टोरने के पुत्र रोनाल्ड के मुताबिक 20 दिन पहले कार का कांच अज्ञात बदमाश फोड़ गए थे। नया कांच लगवाया था फिर तोड़ दिया।
कारण 1 : बदला चुकाने के लिए बदमाशों को सुपारी
सूत्रों के मुताबिक कार के कांच तोडऩे की घटना के पीछे जो कारण सामने आया है उसमें बदला लेना प्रमुख है। किसी रंजिशवश प्रतिद्वंद्वी को नुकसान पहुंचाने का आसान तरीका है सडक़ पर खड़ी कार का कांच तुड़वा दो। इसके लिए छिटपुट बदमाशों की गैंग भी सक्रिय है तो दारु पार्टी और कुछ हजार रुपए में किसी भी कार के कांच तोडऩे या किसी के घर-दुकान पर पत्थर फेंकने को तैयार है। कई बार कार पहचानने में चूक हो जाती है तो गली में खड़ी सभी कारों के कांच तोड़ जाते हैं। कांच तोडऩे के लिए छोटा-सा हथियार भी इनके पास होता है तो बिना किसी आवाज के तुरत कांच चटका देता है। पड़ोसी, व्यापारिक प्रतिद्वंद्वी, युवा बेटे-बेटी के दुश्मन या किसी कारणवश एकतरफा रंजिश रखने वाले कांच तुड़वाने वाले हो सकते हैं, जो खुद कुछ करने के बजाय बदमाशों की टोली की मदद ले रहे हैं।
कारण 2 : बर्थडे सेलिब्रेशन के बाद शक्ति प्रदर्शन
कम उम्र के बदमाशों के ग्रुप में आधी रात को सडक़ पर बर्थडे मनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। नशे में धुत्त इन युवाओं की टोली सडक़ पर आधी को केक काटकर बर्थडे मनाती है। इसके बाद क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शन के इरादे से घूमते है और बिना कारण कारों के कांच फोड़ते हैं। ऐसे बदमाशों पर पुलिस ने पहले कार्रवाई भी की थी।
पुलिस रुचि नहीं लेती, इसलिए हौंसले बुलंद…
घर के बाहर खड़ी कांच तोडऩे की घटना की सूचना मिलने के बाद भी पुलिस एफआईआर में रुचि नहीं लेती। अधिकतर मामलों में आवेदन लेकर मामला खत्म कर दिया जाता है। कुछ मामलों में अदम चेक (पुलिस हस्तक्षेप अयोग्य अपराध) दर्ज कर फरियादी को संतुष्ट कर देते हैं। ऋषिनगर की घटना में फरियादी रोनाल्ड का कहना है कि वो तीन-चार बार थाने गया तब जाकर उसका मामला सुना गया। पुख्ता कार्रवाई नहीं होने की वजह से पत्थरबाज टोली के हौंसले बुलंद हैं।
दो दिनों में 4, एक माह में 20 से अधिक घटना
एलआईजी निवासी बिजली कंपनी ठेकेदार राजेंद्रकुमार जाधव, पुत्र पुनीत जाधव व पड़ोसी की कार के कांच 30 जून की रात तोड़े गए। सीसीटीवी फुटेज पुलिस को दिया लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
31 जुलाई की रात ऋषिनगर में राहुलसिंह भदौरिया, शुभम पुरोहित की कार के कांच तोड़े गए।
18 जुलाई को लक्ष्मीनगर में घर के बाहर खड़ी कार के कांच फोड़े गए।
1 अगस्त की रात सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारी शैलेंद्र टोरने की कार के कांच तोड़े। उनकी कार के कांच तीसरी बार टूटे हैं। तीन महीने और 20 दिन पहले दो बार कांच तोड़े जा चुके हैं। १ अगस्त की रात स्वप्नेश वर्मा की कार के कांच भी तोड़े है।
पिछले तीन माह में ऋषिनगर क्षेत्र में करीब 10 से अधिक कारों के कांच तोड़े गए हैं।
20 जुलाई को मिस वल्र्ड निकिता पोरवाल के पिता अशोक पोरवाल और 18 जुलाई की रात सुदामा नगर के अभिषेक शर्मा की कार के कांच भी तोड़े जा चुके हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पिछले एक माह में 20 और तीन माह में करीब 50 से अधिक घटनाएं कांच तोडऩे की हो चुकी हैं।
कारमालिक को लगता है फटका
कार का कांच बदलाने में कार मालिक को करीब 4 से 20 हजार रुपए तक का फटका लगता है। अलग-अलग मॉडल के मुताबिक कार के कांच की कीमत होती है। कांच तोडऩे के अधिकतर मामले में कानूनी प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण बीमा राशि भी नहीं मिलती।
बदमाशों की तलाश में जुटे हैं
हमारे पास कुछ घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज आए हैं। रात के वक्त के वीडियो हैं जिसमें चेहरे स्पष्ट नहीं है। उसके जरिए सुराग तलाश रहे हैं। जल्दी ही बदमाशों को पकड़ लाएंगे।
राकेश कुमार भारती, माधवनगर थाना प्रभारी