आधा शहर खुदा पड़ा, आधे में जाम

बेतरतीब यातायात प्लानिंग ने बिगाड़ा शहर का माहौल
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कहते है कुछ पाने के लिए कुछ खोना भी पड़ता है, फिलहाल शहर के सभी नागरिक खो ही तो रहे हैँ अपना वक्त। काजीपुरा से आप यदि रेलवे स्टेशन जाने के लिए निकलो तो तय समय से आधा घंटा पहले निकलना पड़ता है, पता नहीं रास्ते में कहां जाम में फंस जाएं और गाड़ी छूट जाए। गोपाल मंदिर से महाकालेश्वर मंदिर की पैदल दूरी बमुश्किल 10 मिनट की है, दो पहिया वाहन से यही दूरी आधा या पौन घंटे में पूरी होती है, वजह है जाम।
गुरुवार 25 दिसंबर को छुट्टी के दिन महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए खूब भीड़ उमड़ी। साल के आखिर दिन और स्कूलों की छुट्टी का दौर है लिहाजा श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार एक सप्ताह तक बनी रहेगी। ट्रेन या अन्य सार्वजनिक परिवहन से उज्जैन पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के मुकाबले निजी वाहनों से आने वालों की संख्या अधिक है, लिहाजा यदि 7 लोग उज्जैन आए तो समझो शहर की सड़क पर एक गाड़ी और बढ़ गई। अकेले गुरुवार के दिन शहर में दो लाख से अधिक श्रद्धालु मौजूद थे।
शहर में बाहर से आने वाले वाहनों की संख्या का अंदाजा आप खुद लगा लीजिए। इनमें से 25 प्रतिशत भी वाहन यदि शहर में सीधे प्रवेश कर जाते हैं तो फिर भगवान ही मालिक है। गुरुवार को पूरे दिन यही हुआ। शहर का शायद ही ऐसा कोई मार्ग रहा होगा जहां जाम की स्थितियां न बनी हो। इससे पहले भी शहर में कई बार जाम की स्थिति बनी है, कई जगहों पर स्थायी तौर पर जाम के हालात रहते हैं। इनमें रेलवे स्टेशन, इंदौरगेट, महाकाल, देवासगेट आदि शामिल हैं।
600 लोग चाहिए, फिलहाल काम कर रहे 97
उज्जैन शहर का जिस स्तर पर फैलाव हुआ, जिस तेजी से शहर में बाहरी श्रद्धालुओं का आगमन बढ़ा उतनी तेजी से यातायात अमले को नहीं बढ़ाया गया। उज्जैन शहर में फिलहाल व्यवस्थित तरीके से यातायात चलाने के लिए 600 पुलिसकर्मियों की आवश्यकता है, इसके ठीक विपरीत फील्ड में यातायात का 97 कर्मचारियों का अमला स्थितियां संभालने की जद्दोजहद कर रहा है। यातायात थाने में 2 डीएसपी, 2 सूबेदार, 17 एएसआई और लगभग 75 कांस्टेबल व हेड कांस्टेबल ड्यूटी कर रहे है। इनके अलावा महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था संभालने के लिए 36 पुलिसकर्मी अतिरिक्त तैनात किए गए है।
हमने वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हाल के भीड़ के दिनों में यातायात संभालने के लिए 100 अतिरिक्त कर्मचारी मांगे हंै। गुरुवार को शहर में बाहरी भीड़ तो थी ही जूलूस होने की वजह से भी स्थितियां संभालने में दिक्कत नहीं आई। मंदिर क्षेत्र की कई स्थायी पार्किंग बंद हैं, सड़कंे खुदी पड़ी हैं, इस वजह से भी दिक्कतें आ रही हैं।
– दिलीप सिंह परिहार
डीएसपी, ट्रैफिक









