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उच्च शिक्षा विभाग की सत्र 2024-25 में एडमिशन के लिए गाइडलाइन जारी

कॉलेज में प्रवेश पर स्थानीय स्टूडेंट्स को प्राथमिकता

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:उच्च शिक्षा विभाग ने सत्र 2024-25 में एडमिशन के लिए गाइड लाइन जारी कर दी है। काउंसलिंग ऑनलाइन होगी। प्रवेश नियमों में नए नियम के अनुसार कॉलेजों में एडमिशन के लिए स्थानीय विद्यार्थियों को प्राथमिकता के (अतिरिक्त अंक) 5 प्रतिशत दिया जाएगा।

स्थानीयता का निर्धारण प्रवेश के लिए न्यूनतम संबंधित शैक्षणिक योग्यता नजदीक के स्कूल या कॉलेज से उत्तीर्ण होने के आधार पर दी जाएगी। यह प्रावधान मप्र के मूल निवासी स्टूडेंट्स के लिए किया गया है। बैंक ऑफ क्रेडिट (एबीसी) पोर्टल www.abc.gov.in में रजिस्ट्रेशन भी जरूरी है।

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कॉलेजों को कोर्स-सीट संख्या करनी होगी अपडेट

उच्च शिक्षा विभाग 2024-25 सत्र को लेकर मई अंतिम सप्ताह से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने वाला है, लेकिन उसे पहले सरकारी और निजी कालेजों को अपनी प्रोफाइल अपडेट करवाना है। इसके माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों को संचालित होने वाले पाठ्यक्रम-सीट संख्या, फीस के बारे में सहित अन्य बिंदुओं की जानकारी देना है।

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विभाग ने प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों से संबद्धता प्राप्त कॉलेजों की सूची मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक सबसे पहले बीएड-एमएड, बीपीएड-एमपीएड समेत अन्य एनसीटीई से मान्यता प्राप्त कोर्स में विद्यार्थियों को दाखिले देने की प्रक्रिया की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया से पहले विभाग की तरफ से विद्यार्थियों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है, जिसमें रजिस्ट्रेशन के दौरान छात्र-छात्राओं को पसंदीदा विषय और कॉलेजों के संबंध में बताना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि विद्यार्थियों को शहर, जिला और संभाग में आने वाले कालेजों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। ताकि आवेदकों को नजदीकी कॉलेज मिल सके।

ऐसे समझें… किसे मिलेगा लाभ…

यदि किसी विद्यार्थी ने उज्जैन स्थित स्कूल से 12वीं पास है और भोपाल के किसी कॉलेज से अंडर ग्रेजुएशन कोर्सेस बीए, बीएससी, बीकॉम में प्रवेश चाहता है तो उसे अतिरिक्त 5 प्रतिशत अंक मिलेंगे। पीजी में भी ये प्राथमिकता मिलेगी।

ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थियों को नुकसान….

जानकार प्रवेश के इस नए नियम से सहमत नहीं है। उनका कहना है कि इस नए नियम से ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे शहरों के विद्यार्थियों को बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई करने के अवसर घटेंगे। जो विद्यार्थी संभागीय स्तर के कॉलेजों में आकर पढऩा चाहते हैं, उन्हें भी नुकसान होगा। शहरी क्षेत्रों के उन छात्रों को लाभ होगा, जो कुछ अंक कम होने से प्रवेश लेने के लिए परेशान रहते हैं।

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