जयपी विश टाउन के खरीदारों की पूरी हुई उम्मीद, 5,500 करोड़ का निवेश

नोएडा: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में Jaypee Infratech का ‘विश टाउन’ प्रोजेक्ट निर्माणाधीन है। इस कंपनी के दिवालिया होने से पहले जिन बायर्स ने प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराया था, उन्हें चाबी मिलनी शुरू हो गई है। NCLT ने इस प्रोजेक्ट को जिन्हें सौंपा है, उसका कहना है कि साल 2028 के मार्च तक वह सभी फ्लैट्स का निर्माण पूरा कर लेंगे। उसके बाद होमबायर्स को उसकी चाबी सौंप दी जाएगी। इसमें करीब 20,000 फ्लैट्स हैं। इस अटके प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए करीब 5,500 करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है।
विश टाउन के फ्लैट डिलीवर होने लगे
NCLT ने सुरक्षा ग्रुप को इस प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसने साल 2024 में जेपी इन्फ्राटेक लिमिटेड को अपने नियंत्रण में ले लिया था। सुरक्षा ग्रुप के नॉन-एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुधीर वालिया का कहना है कि उन्होंने प्रोजेक्ट के 84 टावरों का निर्माण पूरा कर लिया है। इन टावर्स में 7,913 यूनिट्स शामिल हैं। इन फ्लैटों की चाबी सौंपी जा रही है। कुछ लोग रहने भी आ गए हैं। हालांकि, इनमें से करीब 3,000 फ्लैट्स के बायर्स ने अभी तक मकान लेने के लिए संपर्क नहीं किया है।
मार्च 2028 तक सभी फ्लैट बन जाएंगे
वालिया ने बताया कि Jaypee Infratech के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में अटके प्रोजेक्ट्स में करीब 20,000 फ्लैट्स हैं। इन्हें पूरा करने के लिए कंपनी करीब 5,500 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। अभी तक इसमें 1500 करोड़ रुपये का निवेश हो भी चुका है। उन्हें उम्मीद है कि मार्च 2028 तक सभी फ्लैट्स डिलीवरी के लिए तैयार हो जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि सभी फ्लैट का निर्माण पूरा होने की समय सीमा छह महीने और बढ़ सकती है। क्योंकि नवंबर-दिसंबर के महीने में जब दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बढ़ता है तो एनजीटी कंस्ट्रक्शन पर तीन महीने का प्रतिबंध लगा देता है। इस हिसाब से दो साल में छह महीने का समय यू ही निकल जाएगा। इसलिए छह महीने का अतिरिक्त समय हाथ में ले कर चल रहे हैं।
कहां से आएगी रकम
सुधीर वालिया ने बताया कि फिलहाल तो 1500 करोड़ रुपये वह लगा चुके हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट में करीब दो हजार यूनिट अभी तक बिके नहीं हैं। इसे बेच कर 2500 से 3000 करोड़ रुपये तक आ जाएंगे। साथ ही आगरा एक्सप्रेसवे से हर साल 500 करोड़ रुपये का टोल आता है। दो साल के दौरान इससे भी करीब 1,000 करोड़ रुपये आ जाएंगे। इससे असानी से प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा।
विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू
जेपी इंफ्राटेक के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में जो प्रोजेक्ट फंसा है, उसमें कुल मिलाकर 159 रेजिडेंशियल टावर पूरे किए जाने हैं। वालिया ने बताया कि इसके साथ ही कुछ विस्तार की प्रक्रिया भी शुरू हो रही है। उन्होंने बताया कि “हमें शेष टावरों को समय पर पूरा करने का भरोसा है लेकिन बायर्स के मकान की चाबी नहीं लेने की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही, हमने विस्तार की प्रक्रिया शुरू कर दी है और तीन टाउनशिप के प्रोजेक्ट्स लॉन्च कर रहे हैं।” नए लॉन्च में प्रीमियम, लक्ज़री और अल्ट्रा-लक्ज़री रेसिडेंशियल डेवलपमेंट, प्लॉटेड रेसिडेंशियल और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट शामिल होंगे। ये प्रमुख स्थानों जैसे नोएडा के विश टाउन, सेक्टर 151 और यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे होंगे। नई इंटीग्रेटेड टाउनशिप में से एक 256 एकड़ की होगी और अन्य 85 एकड़ और 124 एकड़ की होंगी।









