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उज्जैन जिले में तेजी से बढ़ रहे थाइराइड-कोलेस्ट्राल के मरीज

डायग्नोस न होने पर आ रहा सायलेंट अटैक

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:जिले में थायराइड और कोलेस्ट्राल बीमारी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन दोनों बीमारियों के डायग्नोस न होने के कारण लोगों में सायलेंट अटैक के मामले बढ़ते जा रहे है। थायराइड बीमारी को लोग फौरी तौर पर लेते हैं, वहीं कोलेस्ट्राल बढऩे पर सतर्कता का अभाव है।

यह जानकारी अपने रिसर्च पैपर में उज्जैन के युवा डॉ.जयवर्धन वर्मा (एमडी मेडिसीन) ने दी। मुंबई के लीला होटल में आयोजित थर्ड वल्र्ड कांग्रेस कार्डियोमेटाबॉलिक मेडिसीन कॉफ्रेंस में उन्होने अपना रिसर्च पेपर पढ़ा। भारत के संदर्भ में जानकारी देते हुए उन्होंने उज्जैन जिले के आंकड़े भी रखे। डॉ. वर्मा को आयोजन में फैलोशिप इन कार्डियोमेटाबोलिक की उपाधि से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर फिल्म अभिनेत्री ईशा देओल, विश्व के ख्यात डॉक्टर्स-वल्र्ड हायपरटेंशन लीग के प्रेसीडेंट डॉ. प्रो.पॉल वेल्टन, डॉ.वेंकट एस राम, डॉ.पी.सी. डीडवान्या, डॉ. नवीन सी.नड्डा, वल्र्ड हार्ट फेडरेशन के प्रेसीडेंट डॉ.जगत नरूला उपस्थित थे।

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चर्चा में डॉ. वर्मा ने बताया कि सामान्य तौर पर थायराइड बीमारी को इग्नोर किया जाता है। वहीं कोलेस्ट्राल बढऩे को लेकर व्यक्ति अवेयरनेस नहीं रखता है। शुगर होने पर तो गंभीरता रख लेता है लेकिन उक्त दोनों बीमारियों की स्थिति में कम गंभीर होता है। यही कारण है कि सायलेंट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। इनमें अधिकांश मामले थायराइड और कोलेस्ट्राल बढऩे के हैं। अचानक से शुगर होने पर उक्त तीनों में से दो बीमारी जानलेवा बन जाती है। उन्होने अपील की कि परिवार में किसी को थायराइड या शुगर होने पर स्वयं की तथा परिजनों की जांच आवश्यक रूप से करवाते रहे।

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