‘जुगाड़’ के चक्कर में श्रद्धालुओं पर ठग कस रहे अपना शिकंजा

जानकारी नहीं होने के कारण आसानी से बन रहे शिकार

अक्षरविश्व न्यूज :उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्मारती के नाम पर श्रद्धालुओं के साथ ठगी की वारदातें लाख कोशिशों के बाद भी थमने का नाम नहीं ले रही हैं। जिसके चलते मंदिर की प्रतिष्ठा भी धूमिल हो रही है। हालांकि, अधिकांश श्रद्धालु जानकारी नहीं होने के अभाव में ऐसे ठगों का शिकार बन रहे हैं। हाल ही में आगरा से आए डॉक्टर और उनके साथी के साथ हुई ठगी के ताजा मामले के चलते एक बार फिर मंदिर सुर्खियों में है।
दरअसल, भस्मारती के नाम पर हुई यह घटना नई नहीं है। इससे पहले भी बाहर से आने वाले कई भक्त इस तरह की ठगी का शिकार हो चुके हैं। इसके पीछे का मुख्य कारण जानकारी का अभाव है। मंदिर प्रशासन द्वारा 1800 श्रद्धालुओं को रोज तड़के होने वाली भस्मारती में शामिल होने की ऑनलाइन और ऑफलाइन अनुमति दी जाती है।
कोटा पूरा होने के बाद कई श्रद्धालु जुगाड़ के चक्कर में घूमते रहते हैं, इसी का फायदा होटल संचालक, कथित पंडे-पुजारी और मंदिर के आसपास घूमने वाले ठगोरे उठाते हैं और अपनी पहचान होने का हवाला देते हुए मोटी राशि वसूलकर श्रद्धालुओं को चूना लगा देते हैं। अब तक कई ठगोरे पकड़े भी जा चुके हैं, बावजूद इसके इस तरह की घटनाओं पर लगाम नहीं लग पा रही जिससे महाकाल मंदिर और शहर की प्रतिष्ठा धूमिल हो रही है।
पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा : सोमवार को आगरा से उज्जैन पहुंचे डॉ. सोहन प्रकाश उपाध्याय और उनके साथी गगन शर्मा को भस्मारती के नाम पर ४ हजार रुपए का चूना लगाने वाले दो आरोपी अर्जुन जटिया निवासी नीलगंगा मल्टी और गौतम प्रजापत निवासी नलिया बाखल को मंगलवार को महाकाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों में से अर्जुन ऑटो चालक और गौतम फूल प्रसाद बेचने वाला है। महाकाल थाना प्रभारी अजय वर्मा ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।









