Advertisement

पीयूष भार्गव के खिलाफ जांच शुरू

दो के बयान दर्ज, तीन इंजीनियर्स के बयान होंगे

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम के बहुचर्चित कार्यपालन यंत्री(संविदा) पीयूष भार्गव के खिलाफ उन्हीं के अधीनस्थ रही महिला इंजीनियर द्वारा लगाए गए प्रताडऩा के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। हाइकोर्ट के निर्देश पर नए सिरे से गठित की गई आंतरिक शिकायत समिति ने शुक्रवार को दो इंजीनियर्स के बयान दर्ज किए गए। विभाग के तीन और इंजीनियर्स को भी बयान दर्ज करवाने के लिए समन भेजा गया है।

नगर निगम की एक महिला इंजीनियर ने पीयूष भार्गव के खिलाफ अभद्रता की शिकायतें की थीं। इस मामले की जांच के लिए पूर्व में जो कमेटी गठित की गई थी, उस पर भी उक्त महिला इंजीनियर की आपत्ति थी। मामला हाइकोर्ट तक पहुंचने के बाद जब नए सिरे से आयुक्त ने जांच कमेटी का गठन किया तो उसमें भी एक ऐसी महिला अधिकारी को शामिल कर लिया गया जो खुद पूर्व में इसी प्रकरण में गवाह रह चुकी हैं और उन्होंने भार्गव के पक्ष में गवाही दी थी।

Advertisement

ऐसे में जांच कमेटी की भूमिका दोबारा से संदेह के दायरे में आ जाती। आतंरिक जांच कमेटी में फिर से बदलाव के बाद सहायक ग्रेड-1 मंगला सिसौदिया को कमेटी का सदस्य बनाया गया। पांच सदस्यीय जांच कमेटी में अब उपायुक्त योंगेंद्र पटेल, महिला एवं बाल विकास अधिकारी वीणा बौरासी, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्वेता यादव और लिपिक मंगला सिसौदिया शामिल है। इस जांच कमेटी की प्रभारी सहायक लेखाअधिकारी सरिता मांडरे हैं।

Advertisement

Related Articles

Write a review