राष्ट्रसंत ललितप्रभ जी का मंगल नगर प्रवेश, पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए समाजजन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। प्रख्यात राष्ट्रसंत महोपाध्याय ललितप्रभ सागर जी महाराज एवं डॉ. मुनि शांतिप्रिय सागर जी महाराज का शनिवार सुबह नगर में मंगल प्रवेश हुआ। वे दो दिन तक शहर में ही रहेंगे और रविवार को अपने ओजस्वी प्रवचनों से शहरवासियों का मार्गदर्शन करेंगे। उन्हें जुलूस के रूप में दानीगेट स्थित अवंति पाश्र्वनाथ तीर्थ लाया गया। नगर प्रवेश जुलूस मेें समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे और संतों की अगवानी की। इस दौरान कई जगह स्वागत मंच लगाए गए जहां से मुनिश्री का स्वागत किया गया। जुलूस में महिलाएं लाल चुनरी में एवं पुरुष सफेद वस्त्र पहनकर पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। इसके बाद दोपहर में सप्तम ध्वजारोहण महोत्सव हुआ।

कल ‘जीवन को कैसे स्वर्ग बनाएं’ पर विशेष सत्संग
रविवार सुबह 9 से 11 बजे तक छोटा सराफा स्थित विचक्षण भवन (शांतिनाथ मंदिर गली) में राष्ट्र-संतों के नागरिक अभिनंदन के साथ ज्ञानगंगा एवं सत्संग होगा। इसमें जीवन को कैसे स्वर्ग बनाएं विषय पर सार्वजनिक प्रवचन होगा। जीने की कला भी प्रवचन में गुरुदेव समझाएंगे। इस दौरान क्रोध, तनाव और अहंकार से मुक्ति पाकर जीवन को आरोग्य, आनंद और प्रेम से भरने के व्यावहारिक सूत्र सिखाएंगे। यह सत्संग युवाओं के कॅरियर निर्माण और परिवारों में संस्कारों के संचार के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होगा।









