70 करोड़ रुपए की लागत से उज्जैन में बनेगा आईटी पार्क

इंजीनियरिंग कॉलेज कैम्पस में जमीन आवंटित, डिजाइन फाइनल, दो हजार युवाओं को मिलेगा रोजगार
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विशाल जूनवाल उज्जैन। उज्जैन को जल्द ही आईटी पार्क की सौगात मिलने जा रही है जिसके लिए इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में जमीन आवंटन के साथ डिजाइन भी फाइनल हो गई है। आईटी पार्क के निर्माण पर 70 करोड़ रुपए खर्च होंगे जिससे २ हजार जॉब्स जनरेट होगी। ऐसे में जो युवा शहर छोडक़र नौकरी के लिए अन्य शहरों में जाते थे उनका पलायन रोकने में मदद मिलेगी, वहीं आर्थिक गतिविधियों में भी विविधता आएगी।
मप्र औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौड़ के मुताबिक उन्हें शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में 2.16 हेक्टेयर जमीन मिली है। बैंंगलुरु, हैदराबाद, पुणे जैसी आईटी सिटीज संतृप्त हो चुकी हैं और उज्जैन का पारिस्थितिकी तंत्र अब उत्तम है। शुरुआती चरण में 70 करोड़ रुपए के निवेश की उम्मीद हैं जिससे 2 हजार रोजगार जनरेट होंगे। सॉफ्टवेयर इकाइयां, बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्स, एआई, कॉल सेंटर आदि स्थापित करने में कई कंपनियों ने रुचि दिखाई है। आईटी पार्क के लिए बुनियादी ढांचागत काम 3 साल में पूरा हो जाएगा।
उज्जैन सहित 4 स्थानों पर मेडिकल डिवाइस पार्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के दौरान भारत सरकार ने उज्जैन सहित देश के चार स्थानों पर मेडिकल डिवाइस पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया। इस उद्देश्य के लिए 97.05 एकड़ भूमि निर्धारित की गई है जिसे 36 कंपनियों को आवंटित किया गया है। वे 1855.28 करोड़ रुपए का निवेश कर रही हैं जिससे 6908 रोजगार पैदा होंगे।
नॉलेज सिटी विकसित करने के लिए भी चयन
दरअसल, जब भारत सरकार (जीओआई) ने दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के निष्पादन के लिए यूपीए सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान जापान सरकार के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए थे तो उज्जैन का चयन नॉलेज सिटी विकसित करने के लिए कियाथा। तदानुसार, प्रमुख आईटी कंपनियों को विक्रम नगर उद्योगपुरी में अपनी इकाइयां खोलनी थीं लेकिन इन कंपनियों ने इंदौर एयरपोर्ट रोड के समीप अपनी यूनिट्स खोली।
इस्कॉन प्रबंधन ने भी बनाई थी योजना
मप्र की मुख्यमंत्री के रूप में उमा भारती के कार्यकाल के दौरान इस्कॉन प्रबंधन ने उज्जैन में आईटी पार्क विकसित करने की भी योजना बनाई थी। इसके लिए उन्हें भरतपुरी में जमीन का एक हिस्सा भी आवंटित कर दिया था लेकिन बाद में इस परियोजना को वापस ले लिया गया। इस बीच पिछले कुछ वर्षों में विक्रम नगर उद्योगपुरी में 57 औद्योगिक इकाइयों को 457.28 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। उनमें से कई ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है तो कुछ में उत्पादन भी शुरू हो गया है। ये कंपनियां 5198.59 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है।









