अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। 1 अप्रैल की सुबह से मोहन सरकार की मंशा के अनुसार अपने शहर में शराब बंदी हो गई लेकिन इसके एक रात पूर्व माधव क्लब के सदस्यों की बल्ले-बल्ले हो गई। ३१ मार्च की रात उन सभी को याद रहेगी जो वहां मौजूद थे। अमूमन देखा गया है कि कोई विवाह समारोह हो, भंडारा हो या किसी बड़े नेता के जन्मदिन पर रिसेप्शन हो तो भोजन बच जाता है।
हलवाई की अपनी सीमा है। उसके साथ काम करने वालों भी सीमा है, कितना ले जाएंगे। तब आयोजक विचार करते हैं कि यह बचा हुआ भोजन कहां भेजें। डस्टबिन में डालना यानी अन्न देवता को नाराज करना है। लिहाजा, चामुंडा माता मंदिर के आसपास बैठने वालों, रेलवे स्टेशन पर रात बिताने वाले भिक्षुकों और अनाथालय में वह भोजन भेज दिया जाता है। दो फायदे होते हैं। अन्न का अनादर भी नहीं होता और भूखे पेट वालों की दुआ भी मिल जाती है। यदि शराब बच जाए तो क्या करें?
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माधव क्लब में बताते हैं, कमोबेश यही स्थिति निर्मित हुई। जब से क्लब का निर्माण हुआ है वहां बार चल रहा है। शौकिनों के लिए तमाम प्रकार की शराब उलपब्ध रहती थी। चंूकि १ अपै्रल से शराब बंदी लागू हो रही थी। क्लब भी इस दायरे में आ रहा था। बार में शराब बच गई थी। क्लब के कर्ताधर्ता चिंता में थे कि जो बच गई है उसका क्या किया जाए। बड़ी देर तक इस पर मंथन होता रहा। शराब कोई भोजन तो है नहीं कि गरीबों में बांट दी जाए। शहरी सीमा के बाहर स्थित किसी बार को बेचें तो यह भी गरिमा के खिलाफ है।
लिहाजा, निर्णय हुआ कि इसे क्लब के सम्मानीय सदस्यों को मुफ्त पिला दी जाए। इस अप्रत्याशित आयोजन की सूचना वॉट्सएप गु्रप में प्रसारित कर दी गई। बस फिर क्या था सदस्य-दर-सदस्य फोन होते गए और माधव क्लब में उन सदस्यों के आने का सिलसिला शुरू हो गया जो इस मुफ्त की योजना का लाभ उठाना चाहते थे। इसके पहले कि घड़ी १ अपै्रल को स्पर्श करती क्लब में मस्ती छाई रही। देखते ही देखते कोटा समाप्त हो गया। पीने के बाद पीने वाला कभी नहीं बोलता, शराब ही बोलती है। क्लब में मस्ती का आलम था। पीने वाले बतियाते रहे। उन्होंने क्लब के कर्ताधर्ताओं के इस निर्णय की जमकर तारीफ की। इस तरह ३१ मार्च की यह रात क्लब के सदस्यों के लिए यादगार साबित हो गई।
यह पहला मौका है जब…
माधव क्लब की सदस्यता हर किसी के बस की बात नहीं है। इसका सदस्यता शुल्क ही ५ लाख रुपए है। यहां मनोरंजन के सभी साधन उपलब्ध हैं। मसलन, कार्ड रूम, स्वीमिंग पूल, स्क्वॉश, लॉन टेनिस, टेबल टेनिस, क्रिकेट टर्फ के साथ रेस्टोरेंट और बार की सुविधा भी उपलब्ध है। आज से बार बंद हो गया है। इसी विषय में नव निर्वाचित सचिव कैलाश माहेश्वरी पहले ही बोल चुके हैं कि क्लब का माहौल पारिवारिक रहेगा। उन्होंने भी शराब बंदी का स्वागत किया है।
शराब पीते मिले तो रद्द होगी सदस्यता
इधर, सचिव की ओर से एक सर्कुलर जारी किया गया है जिसमें इस बात का उल्लेख किया गया है कि क्लब का कोई भी सदस्य यदि परिसर में शराब पीकर भ्रमण करता पाया गया या किसी के पास शराब हुई तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इतना ही नहीं उसकी सदस्यता भी रद्द की जाएगी।