सुखसागर गुरुद्वारा में कल रात लोहड़ी की धूम

अलाव की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की अरदास करेगा सिख समाज
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उज्जैन। सिख समाज 13 जनवरी को लोहड़ी पर्व मनाएगा। इसके लिए सुख सागर गुरुद्वारा फ्रीगंज में तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। यहां पर सामूहिक रूप से लोहड़ी का पर्व मनाया जाएगा। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ आयोजित होने वाले इस उत्सव में समाजजन एकत्र होकर नई फसल और खुशहाली की कामना करेंगे।सुख सागर गुरुद्वारा के अध्यक्ष चरणजीत सिंह कालरा ने बताया कि लोहड़ी का त्योहार रबी फसल की कटाई और नई शुरुआत का प्रतीक है। इस मौके पर मंगलवार को शाम के वक्त गुरुद्वारे में विशेष पाठ और अरदास होगा। रात 8 बजे लोहड़ी की पवित्र अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। समाजजन अग्नि की परिक्रमा करते हुए तिल, गुड़, रेवड़ी और गजक अर्पित करेंगे। इस दौरान पारंपरिक गीतों पर नाच-गाने के साथ खुशियां मनाई जाएंगी। यह पर्व लोकनायक दुल्ला भट्टी की याद दिलाता है, जिन्होंने गरीबों की मदद की थी। लोहड़ी के लिए लकडिय़ां एकत्र करते समय उनकी वीरता के गीत गाने की प्राचीन परंपरा है।
14 को पतंगोत्सव, छतों पर सुनाई देगा काटा है का शोर
लोहड़ी के अगले दिन, यानी 14 जनवरी को सूर्य के उत्तरायण होने का पर्व मकर संक्रांति मालवा की लोक परंपरा के अनुसार मनाया जाएगा। शहर में पतंगबाजी को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। तोपखाना, फ्रीगंज और पटनी बाजार के क्षेत्रों में पतंगों की दुकानें सज चुकी हैं। बाज़ार में 5 रुपए से लेकर 150 रुपए तक की आकर्षक पतंगें उपलब्ध हैं। हालिया हादसों के बाद प्रशासन ने जानलेवा चाइना डोर पर कड़ा प्रतिबंध लगाया है। इसके चलते युवा अब सुरक्षित और पारंपरिक कपास (सूती) से बने धागे की डोर तैयार करवा रहे हैं। संक्रांति की सुबह से ही शहर की छतों और खुले मैदानों में युवाओं की टोलियां पेच लड़ाती नजर आएंगी।









