महाकाल मंदिर की स्मार्ट पार्किंग, वीआईपी व्यवस्था में फेल

नीलकंठ द्वार का रास्ता बंद होने से एक ही मार्ग से आ-जा रहे फोर व्हीलर, नतीजा मेन रोड पर लंबा जाम
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर की स्मार्ट पार्किंग की स्मार्टनेस वीआईपी व्यवस्था के आगे फेल हो गई हैं। पार्किंग का एक एंट्री बंद होने के कारण गाडिय़ों का आना-जाना एक ही मार्ग से हो रहा है। ऐसे में वक्त लगता है और स्मार्ट पार्किंग से लेकर बेगमबाग तक कारों का लंबा जाम लग जाता है।
स्मार्ट पार्किंग के वक्त दावे किए गए थे कि इसके शुरू होने के बाद महाकाल मंदिर आने वाले वाहनों की पार्किंग और जाम की समस्या से निजात मिल जाएगा। इसके लिए यहां दो ओर एंट्री बनाई थी ताकि एक ओर से वाहन अंदर आएं और दूसरी ओर से बिना किसी बाधा के निकल जाएं। ऐसे में ट्रैफिक लगातार चलेगा और जाम की समस्या दूर होगी।
नीलकंठ द्वार की एंट्री-एग्जिट आम लोगों के लिए बंद
पार्किंग का मेन गेट नया महाकाल थाना (पुराना उर्दू स्कूल) के पास है। प्लानिंग के मुताबिक यहां से वाहनों को एंट्री कराना थी और निचले तल से होते हुए नीलकंठ द्वार से बेगमबाग रोड पर वाहन बाहर निकलते। नीलकंठ मार्ग पर स्मार्ट पार्किंग की एक और एंट्री भी है। यानी दो रास्तों से वाहन एंट्री कर एग्जिट करते। लेकिन वीआईपी व्यवस्था के कारण नीलकंठ द्वार के एंट्री और एग्जिट को प्रशासन ने आम दर्शनार्थियों के लिए बंद कर दिया। ऐसे में वाहन पुराने उर्दू स्कूल की ओर से ही एंट्री और एग्जिट कर रहे हैं। नतीजा दोनों ओर से वाहन आमने-सामने आकर जाम लगा देते हैं और चंद मिनटों में ही जाम बेगमबाग के पूरे रोड पर लग जाता है।
एक ही रैंप से आने-जाने के कारण अकसर फंसती हैं कारें
अधिकारियों ने स्मार्ट पार्किंग के निचले तल को बेरिकेड्स और तार बांधकर दो हिस्सों में बांट दिया है। एंट्री और एक्जिट गेट आम दर्शनार्थियों के लिए बंद कर पार्किंग वीआईपी वाहन के लिए तय कर दी। ऐसे में आम दर्शनार्थी के वाहन एक ही रैंप से आते-जाते हैं। कई बार आमने-सामने दो गाडिय़ां रैंप में फंस जाती हैं। वीआईपी के लिए पार्किंग में बेरिकेडिंग, लेकिन वाहन कंट्रोल रूम तक जा रहे। प्रशासन ने पार्किंग के अंदर वीआईपी वाहनों के लिए जगह छोड़ी है, लेकिन इसके बाद भी वीआईपी वाहन महाकाल महालोक के कंट्रोल रूम तक पहुंच रहे हैं। उन्हें रोकने वाला कोई नहीं है।
श्री महाकालेश्वर मंदिर स्मार्ट पार्किग एक नजर
निर्माणकर्ता व संचालक – स्मार्ट पार्किंग उज्जैन
वर्तमान – 21 प्रतिशत कमीशन पर सुनील यादव संचालन कर रहे
पार्किंग क्षमता- 320 फोर व्हीलर
वाहन संख्या – 500 से अधिक वाहन आते हैं
किराया – 30 रुपए चार घंटे के, इसके बाद प्रति घंटा १५ रुपए। २४ घंटे पार्किंग के १२० रु.।
समाधान : दोनों ओर के एंट्री-एग्जिट खुल जाए तो दूर होगी परेशानी
स्मार्ट पार्किंग में वर्तमान में उर्दूपुरा स्कूल की ओर से ही आम दर्शनार्थियों के वाहन आ-जा रहे हैं। अगर नीलकंठ द्वार की एग्जिट आम वाहनों के लिए खोल दी जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। रही बात वीआईपी की तो उनके वाहन नीलकंठ द्वार में ही बनी दूसरी एंट्री से प्रवेश देकर कामन एग्जिट से बाहर किए जा सकते हैं।
नकद लेन-देन में भी लगता है वक्त
पार्किंग में लेनदेन यूपीआई से या नकद होता है। यहां फास्टैग से ऑटो पेमेंट का सिस्टम भी लगा है। पार्किंग संचालक सुनील यादव बताते हैं सडक़ डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने पिछले महीने ऐसा सिस्टम कर दिया है कि फास्टैग का पैसा सिर्फ टोल नाकों पर ही कटेगा। इसके बाद से यहां के ऑटो पैमेंट सिस्टम बंद हो गए। अब नकद या यूपीआई के जरिए भुगतान करने में समय ज्यादा लग रहा है।










