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एमआईसी को लेकर शीतयुद्ध

महापौर के निर्देश पर भी नहीं बुला रहे बैठक, आज अफसरों के बगैर समीक्षा

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बंद स्ट्रीट लाइट का मुद्दा गरमाएगा, रोज पेयजल प्रदाय पर भी मंथन

उज्जैन। उज्जैन नगर निगम में महापौर परिषद (एमआईसी) को लेकर शीतयुद्ध की स्थिति बन गई है। लंबे समय से एमआईसी नहीं हो पा रही और महापौर मुकेश टटवाल के निर्देश पर भी इसे बुलाया नहीं जा रहा। आज शुक्रवार शाम महापौर बगैर अफसरों के ही सदस्यों के साथ बैठकर विभागीय कामों की समीक्षा करेंगे। इसमें रोज पेयजल अभी प्रदाय किया जाए या नहीं, इसको लेकर मंथन होगा और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को लेकर गुस्से के उबार भी उठ सकते हैं।

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नगर निगम में अजीब स्थिति बनी हुई है। महापौर की अध्यक्षता में होने वाली एमआईसी पिछले करीब ढाई माह से नहीं हो सकी है। 20 जून को हुई बैठक के बाद एमआईसी नहीं हो पा रही है। सूत्रों के अनुसार महापौर टटवाल इसके लिए निगम कमिश्नर को तीन बार पत्र भेज चुके हैं, लेकिन एमआईसी की बैठक निर्धारित नहीं हो पा रही है। इसे निगम के आंतरिक शीतयुद्ध के रूप में देखा जा रहा है। इससे निगम के कई काम प्रभावित हो रहे हैं।

शुक्रवार अपराह्न 3 बजे महापौर ने एमआईसी सदस्यों को बुलाया है, जिसमें अब तक केे कामों की समीक्षा होगी और जो काम रुके हैं, उनकी बाधाओं पर चर्चा होगी। इस दौरान बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा गरमा सकता है, क्योंकि कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और निगम द्वारा मेंटेनेंस का ठेका देने के बाद भी सड़कों पर अंधेरा है। नवरात्रि पर्व के दौरान इससे दर्शनार्थियों को कई समस्याएं हो सकती हैं। एमआईसी में स्ट्रीट लाइट के मुद्दे पर एक कमेटी बनाने का निर्णय भी लिया जा चुका है, लेकिन आज तक उसकी रिपोर्ट तैयार होना तो दूर कमेटी की बैठक ही नहीं हो सकी है। इसको लेकर भी नाराजगी का गुबार फूट सकता है।

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महापौर के तीन पत्र भी बेअसर…

एमआईसी बुलाने के लिए महापौर टटवाल द्वारा निगम प्रशासन को तीन पत्र लिखे जा चुके हैं। इसके बाद भी बैठक की तारीख तय नहीं हो पा रही है। इससे चर्चा यह भी है कि निगम प्रशासन एमआईसी बुलाने से बच रहा। इसके कारण भी तलाशे जा रहे हैं।

रोज पेयजल प्रदाय पर अनिर्णय की स्थिति

गंभीर डेम पूरी तरह से भर जाने के बाद भी लोगों को अब तक रोज पेयजल प्रदाय नहीं कर पा रहा निगम। इसकी वजह यह कि गऊघाट फिल्टर प्लांट के पंप खराब पड़े हैं और एक पंप से ही काम चल रहा। ऐसे में इस बार केवल सर्दी और बारिश के दिनों में ही रोज जलप्रदाय करने पर भी विचार चल रहा है, लेकिन इसको लेकर अभी अनिर्णय की स्थिति बनी हुई है।

समीक्षा करेंगे

एमआईसी सदस्यों के साथ काम काज की समीक्षा करूंगा। एमआईसी बुलाने के लिए पत्र भेजा जा चुका है। -मुकेश टटवाल, महापौर

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