Advertisement

तीन घंटे में दो इंच से अधिक बरसात, शिप्रा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि

लंबे इंतजार के बाद बादल आए, बरसे और चले गए,

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

इस सीजन में अब तक 8 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:लम्बे इंतजार के बाद आखिर मानसून की मेहरबानी हो गई। बादल आएं,गरजे-बरसे और तीन घंटे में चले भी गए। हालांकि इस दौरान दो इंच से अधिक बरसात दर्ज की गई। इससे कई इलाकों में पानी जमा हो गया। उज्जैन में मंगलवार सुबह 6 बजे से गरज चमक के साथ तेज बारिश शुरू हो गई।

Advertisement

इससे कई इलाकों में पानी जमा हो गया। इससे राहगीरों को दिक्कतें आईं। करीब तीन घंटे के बाद बारिश थम गई। इस दौरान एक इंच से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। इस सीजन में अब तक 8 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। बादलों के साफ हो जाने के बाद धूप भी निकल गई।

Advertisement

जुलाई का आधा कोटा भी नहीं

जुलाई का तीसरा सप्ताह शुरू हो चुका है और अब तक इस माह में लगभग ३ इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। जबकि इस माह की औसत 10 से 12 इंच बारिश होती है। जून में सिर्फ 4 इंच बारिश के बाद इस बार जुलाई से उम्मीदें थी,लेकिन यह फिलहाल अधूरी है। अगले हफ्ते से सावन शुरू हो जाएगा।

उज्जैन में बारिश का कोटा 37 इंच का है। इसका आधा कोटा सावन में ही हो जाता है। भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार अभी (15 जुलाई तक) जिले इस वर्षा मानसून सत्र के प्रारम्भ से अब तक औसत 181.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। जबकि गत वर्ष इसी अवधि में जिले में औसत 289 मिमी वर्षा हुई थी।

किसानों के चेहरे पर रौनक

सोयाबीन की बुआई जिन किसानों द्वारा जून के अंतिम सप्ताह में कर दी गई थी। उन खेतों में सोयाबीन के पौधे अंकुरित होने के बाद बड़े हो चुके हैं, लेकिन बारिश नहीं होने के कारण किसानों में बेचैनी बनी हुई थी।

मंगलवार सुबह बारिश होने से किसानों के चेहरों पर रौनक छा गई है। कई दिनों से किसान बारिश होने का इन्तजार कर रहे थे। बारिश होने से सोयाबीन की फसल को निश्चित रूप से फायदा मिलेगा। कई किसानों द्वारा सोयाबीन की फसल के आसपास उत्पन्न खरपतवार को हटाने के लिए डोरे चलाए जा रहे हैं, इसके अलावा स्पे्र का छिडक़ाव भी किया जा चुका है।

Related Articles

Write a review