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जिस घर में था खुशी का माहौल, वहां उठीं 7 अर्थियां 27 सितंबर को होने वाली थी राधाराणी की सगाई

नलखेड़ा हादसा: भुवनेश्वर पहुंचते ही मचा कोहराम, परिजन की मची चीख-पुकार, देर रात किया गया अंतिम संस्कार

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अक्षरविश्व न्यूज नलखेड़ा। नलखेड़ा में हुए दर्दनाक कार हादसे ने ओडिशा के एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मां बगलामुखी के दर्शन के लिए नलखेड़ा आए परिवार के 7 सदस्यों की हादसे में मौत हो गई। मप्र से शव लेकर एंबुलेंस जब भुवनेश्वर के जयदेव विहार स्थित आत्माराम बस्ती पहुंची तो पूरा इलाका शोक में डूब गया।

एंबुलेंस से शव उतारते ही परिजनों और रिश्तेदारों की चीख-पुकार मच गई। जिन अपनों के सकुशल लौटने की उम्मीद थी, उनके शव सामने देखकर परिवार के लोग बेसुध हो गए। शवों के भुवनेश्वर पहुंचने के बाद देर रात अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। पहले शवों को पैतृक स्थान गाडकण ले जाया गया। इसके बाद पुरी के स्वर्गद्वार में अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ सात लोगों की अंतिम विदाई ने हर किसी को झकझोर दिया।

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जनप्रतिनिधियों ने जताई संवेदना: कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, विधायक सुशांत राउत, अनंत नारायण जेना, भाजपा नेता प्रियदर्शी मिश्रा और पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह ने पीडि़त परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। मप्र प्रशासन के अधिकारियों ने भी परिवार से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज और कानूनी प्रक्रिया से जुड़े कागजात सौंपे। दोनों राज्यों के प्रशासन के समन्वय से शवों को ओडिशा पहुंचाने की प्रक्रिया पूरी की गई।

हादसे में इन लोगों की मौत
हादसे में शिवप्रसाद बेहरा, उनके बेटे कृष्ण राजवीर, बेटी साई स्वर्णप्रभा, राधाराणी बेहरा, ज्ञानेंद्र कुमार बेहरा, उनकी पत्नी रीताराणी और बेटे साई स्वस्तिक की मौत हुई। हादसे में कार चालक की भी जान गई।

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हादसे ने बदल दिया पूरा माहौल
हादसे में राधाराणी बेहरा की मौत परिवार के लिए सबसे बड़ा सदमा बन गई। आगामी 27 सितंबर को उनकी सगाई होनी थी। घर में सगाई की तैयारियां चल रही थीं और परिवार खुशियों में डूबा था। लेकिन हादसे ने पूरा माहौल ही बदल दिया। परिजनों के मुताबिक, परिवार के लोग पिता के लिए मन्नत लेकर मां बगलामुखी के दर्शन करने मप्र आए थे। उन्हें उम्मीद थी कि दर्शन के बाद सभी सकुशल घर लौटेंगे, लेकिन उन्हें अपनों के शव लेकर वापस लौटना पड़ा। राधाराणी की बड़ी मां ने बताया कि घर में सगाई की तैयारियां चल रही थीं और सभी बेहद खुश थे। किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही समय बाद खुशियों वाले घर में मातम छा जाएगा।

कैंडल मार्च निकालकर मृतकों को दी श्रद्धांजलि

नलखेड़ा। मां बगलामुखी मंदिर के समीप उफनते नाले में कार बहने से आठ दर्शनार्थियों की मौत हो गई थी। रविवार को कार्यक्रम आयोजित कर मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वार्ड क्रमांक-4 के रहवासियों ने सरदार पटेल चौराहे से कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च शिवाजी चौराहा पहुंचा, जहां लोगों ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए मौन रखकर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

नलखेड़ा हादसा : तीन दिन बाद जागा प्रशासन, पुलिया पर लगाए बैरिकेड्स

आगर-मालवा/नलखेड़ा। मां बगलामुखी मंदिर में दर्शन के लिए आए आठ श्रद्धालुओं की जान लेने वाले दर्दनाक हादसे के तीन दिन बाद आखिरकार प्रशासन ने घटनास्थल की सुध ली। जिस पुलिया पर बरसाती नाले के तेज बहाव में कार बहने से आठ लोगों की मौत हुई थी, वहां सोमवार को एहतियातन बैरिकेड्स लगाने का काम शुरू किया गया। हालांकि हादसे के तीन दिन बाद भी प्रशासनिक स्तर पर अलग से जांच दल का गठन नहीं किया गया है।

ऐसे में मंदिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और जिम्मेदारी तय करने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हादसे के बावजूद प्रशासन की ओर से अलग जांच दल गठित नहीं किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। एसडीएम सुसनेर देव कुमार सोलंकी ने बताया कि नलखेड़ा मंदिर के पास हुई दुर्घटना की पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से अलग जांच दल गठित नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में वे मंदिर प्रशासक की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं।

बैरिकेड्स स्थायी समाधान
बैरिकेड्स तत्काल सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी कदम हैं, लेकिन भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए केवल अस्थायी इंतजाम पर्याप्त नहीं होंगे। स्थायी सुरक्षा व्यवस्था विकसित करने की जरूरत है।

एसपी दिलीप कुमार सोनी ने बताया कि हादसा किन कारणों से हुआ और मंदिर व आसपास किन व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है, इसका प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर को भेजा जाएगा। सीसीटीवी कैमरों की मदद से हादसे के कारणों की पड़ताल की जा रही है। साथ ही लोगों से सुझाव भी लिए जा रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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