बॉर्डर कब बदल जाए कोई नहीं जानता: सिंह

नईदिल्ली, एजेंसी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज सिंध की जमीन भारत का हिस्सा भले न हो, लेकिन सभ्यता के हिसाब से सिंध हमेशा भारत का हिस्सा रहेगा। और जहां तक जमीन की बात है। कब बॉर्डर बदल जाए कौन जानता है, कल सिंध फिर से भारत में वापस आ जाए। राजनाथ सिंह ने ये बातें रविवार को दिल्ली में सिंधी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने लाल कृष्ण आडवाणी का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने (आडवाणी) अपनी एक किताब में लिखा था कि सिंधी हिंदू, खासकर उनकी पीढ़ी के लोग अभी भी सिंध को भारत से अलग नहीं मानते हैं। दरअसल 1947 में भारत-पाकिस्तान बंटवारे के बाद सिंध प्रांत पाकिस्तान में चला गया।

1947 में जब भारत-पाकिस्तान का बंटवारा हुआ तो हजारों साल पुराना और 2 लाख वर्ग किलोमीटर में फैला थार रेगिस्तान भी इसकी भेंट चढ़ गया। ये बंटवारा महज रेगिस्तान की धूल भर का नहीं था। इस बंटवारे के बाद हुए पलयान से पूरे सिंध की खुशहाली और तरक्की हिंसा और गरीबी में तब्दील हो गई।
ऑपरेशन सिंदूर में साहस दिखाया होता तो कोई हिम्मत नहीं करता: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर 26/11 हमलों की 17वीं बरसी के मौके पर ग्लोबल पीस ऑनर्स 2025 कार्यक्रम को संबोधित किया। सीएम ने कहा- हमने ऑपरेशन सिंदूर करने साहस दिखाया होता, तो आज कोई हम पर हमला करने की हिम्मत नहीं करता।
राजनाथ का बयान भड़काऊ- पाकिस्तान ने भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस बयान पर आपत्ति जताई है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के सिंध प्रांत का जिक्र किया था। पाकिस्तान ने बयान जारी कहा कि यह बयान गलत, भड़काऊ और खतरनाक है। पाकिस्तान ने कहा कि ऐसे बयान अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की तय सीमाओं के खिलाफ हैं। पाकिस्तान ने मांग की कि भारत के नेता इस तरह के बयान से बचें, क्योंकि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ सकता है।









