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चायनीज मांझे से मौत पर अब गैर-इरादतन हत्या का केस…

नाबालिग पकड़ाए तो माता पिता जिम्मेदार, हाईकोर्ट ने कहा- बैन के बावजूद घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण…

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इंदौर। चाइनीज मांझे से हो रही मौतों को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। सुनवाई में कोर्ट ने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद लगातार जानलेवा घटनाएं होना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसे रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है।

कोर्ट ने निर्देश दिए कि चाइनीज मांझे से यदि किसी की मौत होती है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 106(1) के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाएगा। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति चाइनीज मांझा बेचते या उसका उपयोग करते पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीधे आपराधिक कार्रवाई होगी। साथ ही यदि नाबालिग चाइनीज मांझे का उपयोग करते पकड़े जाते हैं, तो उनके अभिभावकों को जिम्मेदार मानते हुए उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया जाएगा। कोर्ट ने बताया कि इंदौर में बीते कुछ महीनों में चाइनीज मांझे से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कई लोग घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में पक्षी भी इसकी चपेट में आकर मारे गए हैं। कोर्ट ने कहा कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है और इस दौरान पतंगबाजी बढ़ जाती है, जिससे प्रतिबंधित मांझे के उपयोग से बड़े हादसों की आशंका बनी रहती है।

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महिला वकील बोलीं मेरा भी गला कट गया
सुनवाई के दौरान महिला एडवोकेट कविता उइके ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि चाइनीज डोर से उनका गला कट गया था और जान बचाने के लिए उन्होंने डोर हाथों से तोड़ी, जिससे हथेली गंभीर रूप से जख्मी हो गई। इस पर कोर्ट ने संवेदना जताते हुए शासन को और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

14 जिलों से कार्ययोजना की रिपोर्ट तलब
सुनवाई के दौरान न्यायमित्र सीनियर एडवोकेट विवेक शरण और आकाश शर्मा ने सुझाव दिया कि मकर संक्रांति को देखते हुए इंदौर और हाईकोर्ट की सीमा में आने वाले 14 जिलों से उठाए गए कदमों और कार्ययोजना की रिपोर्ट तलब की जाए। अगली सुनवाई 16 जनवरी को होगी। इस दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा भी कोर्ट में उपस्थित रहे।

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जागरूकता अभियान चला रहे
शासन की ओर से बताया गया कि चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध के साथ इसके दुष्परिणामों को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बिक्री रोकने के लिए कार्रवाई की जा रही है और हादसों की रोकथाम के लिए विशेष उपकरणों का भी उपयोग किया जा रहा है। हाईकोर्ट पहले ही 11 दिसंबर 2025 को इंदौर सहित आसपास के जिलों में स्पष्ट निर्देश जारी कर चुका है।

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