अब महाकाल दर्शन के लिए भी बंधेगा आरएफआईडी बैंड!

दर्शन में गड़बड़ी रोकने के लिए कलेक्टर ने सरकार को भेजा प्रस्ताव
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अक्षरविश्व एक्सक्लूसिव |
सुधीर नागर | उज्जैन। महाकाल दर्शन कराने के नाम पर भक्तों के साथ होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए मंदिर प्रशासन आरएफआईडी (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) बैंड की मदद लेगा। कलेक्टर एवं महाकाल मंदिर प्रबंध समिति अध्यक्ष नीरजकुमार सिंह ने सरकार को भेजे प्रतिवेदन के साथ यह प्रस्ताव भी भेजा है। अभी भस्मारती दर्शन करने वाले भक्तों को यह बैंड पहनाया जाता है। जल्द ही 250 रुपए की टिकट से दर्शन करने वालों के लिए भी यह अनिवार्य किया जा सकता है।
महाकाल मंदिर में रुपए लेकर दर्शन कराने वाले रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद से मंदिर प्रशासन महाकाल दर्शन के नाम पर होने वाली धोखधड़ी को रोकने के लिए टेक्नोलॉजी की मदद लेने की तैयारी में जुट गया है। कलेक्टर सिंह ने हाल ही उजागर हुई करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी मामले की जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को भेज दी है।
रिपोर्ट में दर्शन व्यवस्था में सुधार की बात भी कही है। साथ ही आधुनिक टेक्नोलॉजी से इसे रोकने की तैयारी भी शुरू कर दी है। आने वाले समय में भस्मारती की तरह आरएफआईडी बैंड की टेक्नोलॉजी को उपयोग करने की तैयारी की जा रही है। कलेक्टर सिंह के अनुसार दर्शन की धोखाधड़ी को आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से रोका जाएगा।
महाकाल मंदिर ने आधुनिकता की ओर कदम बढ़ाते हुए पिछले नवंबर माह से भस्मारती में प्रवेश के लिए आरएफआईडी बैंड अनिवार्य कर दिया है। आने वाले समय में मुख्य द्वार पर फ्लैप बैरियर लगाए जाएंगे, जो इन बैंड की मदद से ही खुलेंगे। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल के अनुसार भस्मारती में सीमित दर्शनार्थी रहते हैं, इसलिए आरएफआईडी बैंड उपयोगी हैं, लेकिन दिन में दर्शनार्थियों की संख्या अधिक होने से बैरियर जरूरी है। बैरियर की योजना प्रस्तावित है।
भारत का पहला महाकाल मंदिर
भस्मारती दर्शन के लिए आरएफआईडी डिवाइस का उपयोग करने वाला महाकाल देश का पहला मंदिर।
यह तकनीक एयरपोर्ट और मेट्रो स्टेशनों पर उपयोग में लाई जाती है और इसे प्रायोगिक रूप से मंदिर में लागू किया गया है।
आरएफआईडी का अर्थ है रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफ़िकेशन, जो स्मार्ट बारकोड की तरह काम करते हैं।
यह ऐसी तकनीक है जिसमें रेडियो तरंगों के माध्यम से वस्तुओं और लोगों आदि की पहचान की जाती है।
आरएफआईडी टैग या स्मार्ट लेबल में एनकोड किए गए डेटा को रीडर कैप्चर करता है।
तकनीक का इस्तेमाल वाहनों, पालतू जानवरों, अल्ज़ाइमर रोग से पीड़ितों को ट्रैक करने के लिए भी किया जाता है।
आधुनिक तकनीक का करेंगे इस्तेमाल
महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। धोखाधड़ी रोकने के लिए आरएफआईडी बैंड जैसी आधुनिक तकनीक की मदद लेंगे। इस पर काम शुरू कर दिया है। -नीरजकुमार सिंह, कलेक्टर










