Advertisement

अब महाकाल मंदिर में पानी से नहीं फिसलेंगे दर्शनार्थी

दक्षिण भारत के फ्लेमिंग ग्रेनाइट से दमकने लगा मंदिर परिसर, काला या पीला नहीं होगा

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

अब महाकाल मंदिर में पानी से नहीं फिसलेंगे दर्शनार्थी

पहली बार 13 करोड़ रु. से संवर रहा 90 हजार वर्गफीट कैम्पस…

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। देश और दुनिया से आने वाले दर्शनार्थी अब महाकाल मंदिर परिसर में बारिश के दौरान फिसलेंगे नहीं। इसके लिए पहली बार 90 हजार वर्गफीट परिसर में खास तौर से साउथ की फ्लेमिंग ग्रेनाइट से परिसर को सुंदर बनाया जा रहा है। परिसर में स्टोन क्लैडिंग भी की जा रही है, जिससे श्रावण में मंदिर की अदभुत छटा दिखाई देगी।

महाकाल मंदिर परिसर में बने नए वेटिंग हॉल आदि पर लाल पत्थर से स्टोन क्लैडिंग की जा रही है। इससे मंदिर की भव्यता निराली हो रही। उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) द्वारा 13 करोड़ रुपयों से स्टोन क्लेडिंग और परिसर में फ्लोरिंग का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। आने वाले श्रावण माह को देखते हुए यह क्या पहली प्राथमिकता से किया जा रहा। खास बात ये कि इस बार पूरे परिसर को फ्लेमिंग ग्रेनाइट से सजाया जा रहा है। इससे फर्श पर पानी होने पर भी दर्शनार्थी फिसलेंगे नहीं और ग्रेनाइट भी काला या पीला नहीं होगा। फ्लोरिंग में सीएनसी कटिंग कर ग्रेनाइट को खूबसूरती के साथ लगाया जा रहा है, जिससे दर्शनार्थी भी सुखद अनुभव करेंगे। श्रावण माह से पहले अधिकतम काम करने पर फोकस किया गया है।

Advertisement

श्रावण माह से पहले तैयार हो जाएगा सवारी मार्ग

मंदिर परिसर का सवारी मार्ग श्रावण से पहले तैयार करने का टारगेट रखा गया है, ताकि सवारी आसानी से निकल सके। इस पर फ्लोरिंग का काम युद्धस्तर पर किया जा रहा है। पहली बार पूरे 90 हजार वर्गफीट परिसर में एंटीस्कीड फ्लेमिंग ग्रेनाइट लगाई जा रही है। साउथ से ये ग्रेनाइट खासतौर से मंगवाई है।

Related Articles

Write a review