सुरंग में उतरे अफसर, कान्ह डायवर्सन टनल आधी बनी

सिंहस्थ : कमान दो एसीएस पर, संजय दुबे ने संभाला स्टेयरिंग, राजेश राजोरा ने देखी व्यवस्था

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों की स्पीड परखने के लिए रविवार को दो अपर मुख्य सचिव (एसीएस) शहर में नजर आए। अपर मुख्य सचिव राजेश राजोरा और संजय दुबे ने प्रस्तावित कामों को परखा, कान्ह डक्ट योजना की सुरंग में उतरकर काम देखा। दौरे की खास बात यह रही कि एसीएस ने कार ड्राइव की और राजोरा ने फ्रंट सीट से कामों का जायजा लिया। कार की पिछली सीट पर बैठे कलेक्टर रौशनकुमार सिंह अपने सीनियर को एक-एक जानकारी देते रहे।
निरीक्षण की शुरुआत इंदौर रोड पर शनि मंदिर क्षेत्र से हुई। यहां सिक्सलेन पर निर्माणाधीन ब्रिज और सड़क की प्रगति जांची गई। अफसरों ने सिंहस्थ की करोड़ों की भीड़ को प्रबंधित करने पर विचार किया। यहां से दोनों जल संसाधन विभाग के कान्ह डक्ट डायवर्सन काम को देखने पहुंचे। दोनों ने टनल के भीतर जाकर कार्य योजना को समझा। उन्हें अफसरों ने बताया कि टनल का कार्य 50 प्रतिशत हो चुका है।
अधिकारियों के निर्देश काम में देरी बर्दाश्त नहीं
राजोरा ने स्पष्ट किया कि सभी कार्यों में गुणवत्ता और उपयोगिता का ख्याल रखा जाए। दुबे ने कहा कि कामों की गुणवत्ता के साथ टाइमलाइन महत्वपूर्ण है। हर काम समयसीमा में होना चाहिए। किसी प्रोजेक्ट में अगर तकनीकी अड़चन या देरी हो रही है, तो उसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ स्तर पर दें। नए प्रस्तावित कार्यों को पूरी तार्किकता के साथ प्रस्तुत करें ताकि शासन से मंजूरी मिलने में दिक्कत नहीं हो। निरीक्षण के दौरान प्रभारी निगमायुक्त संतोष टैगोर, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कुमट, यूडीए सीईओ संदीप सोनी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इन प्रोजेक्ट को परखा
सड़क और फोरलेन- दो तालाब से हरिफाटक बायपास को जोडऩे वाले फोरलेन और हरिफाटक ब्रिज से लालपुल तक बन रहे फोरलेन काम को देखा।
मेला व्यवस्था- दत्त अखाड़ा जोन में प्रस्तावित सिंहस्थ मेला कार्यालय, नवीन सर्किट हाउस और नईखेड़ी तक बनने वाले मार्ग की समीक्षा की।
श्रद्धालु सुविधाएं- मेला क्षेत्र में लाइटिंग, पेयजल व्यवस्था, सीवर ट्रीटमेंट और ड्रेनेज लाइन पर विस्तृत चर्चा की गई।









