Popup Image
Advertisement

अफसरों ने तैयार की पीपीटी, सीएम बोले ये नहीं देखना, कितना काम हुआ उस पर बात करें

सिंहस्थ की समीक्षा बैठक : इस साल हर काम जल्दी कराने पर फोकस

Advertisement

सीएम बोले- अफसरों की कमी नही 8 दिन में प्रपोजल भेजिए, जल्दी मिलेंगे

जरूरी कामों वाले विभाग के डिवीजन अभी से खोलने पर जोर, खासकर बिजली-पानी के

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सीएम डॉ. मोहन यादव की सिंहस्थ की समीक्षा बैठक के लिए स्थानीय अफसरों ने रविवार पूरी रात जागकर पीपीटी तैयार की लेकिन सीएम ने इन्हें देखा तक नहीं। उन्होंने कहा पीपीटी देखने की जरूरत नहीं है। हमारा फोकस काम पर होना चाहिए। ऐसे विभाग जिनकी सबसे ज्यादा जरूरत सिंहस्थ में होगी, उनके डिवीजन तत्काल खोले जाएं। अफसरों-कर्मचारियों की कमी नहीं है, पूरे प्रदेश से लाकर उन्हें उज्जैन पदस्थ कर देंगे।

दरअसल, रविवार को शहर पहुंचे सीएम ने अफसरों से सोमवार केा समीक्षा बैठक लेने की बात की थी। ऐसे में अफसर देर रात तक पीपीटी तैयार करते रहे। कइयों की पीपीटी तो सुबह तक बनती रही।

Advertisement

सोमवार सुबह करीब 11 बजे कलेक्टर सभाकक्ष में मीटिंग शुरू हुई तो सीएम ने अफसरों से साफ कह दिया कि पीपीटी नहीं देखूंगा। बस काम पर बात करूंगा। उन्होंने निर्माण कार्यों को लेकर साफ किया कि इनकी गति तेज होनी चाहिए। जिन की स्वीकृति लंबित है, उसे तत्काल भेजिए। अगर भोपाल से स्वीकृति होनी होगी तो आठ दिन के भीतर मंजूरी दे दी जाएगी। सीएमओ के पीएस सुखवीर सिंह को उन्होंने ताकीद किया कि 8 दिन में उज्जैन से प्रस्ताव बुलाएं और इनकी स्वीकृति हर हाल में करवाऐं नवंबर तक सारी स्वीकृति हो जानी चाहिए।

इन पर भी बात

 सिंहस्थ में बिजली, पानी की व्यवस्था करने वाले विभागों के डिवीजन अभी से शुरू करें, ताकि सिंहस्थ में किसी तरह की दिक्कत नहीं आए।

सिंहस्थ मेला कार्यालय, कलेक्ट्रेट, सिंहस्थ सेल में जरूरी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्थापना इसी महीने की जाए।

सिंहस्थ के लिए अलग से विभागीय मैदानी अमला तैनात करें। ताकि रूटीन वर्क में दिक्कत नहीं आए।

श्रद्धालुओं की संभावित संख्या का आकलन एकदम सटीक करें, ताकि उनके आवागमन, यातायात, पार्किंग, ठहरने तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की पुख्ता योजना अभी से तैयार हो जाए।

घाटों के एप्रोच रोड के निर्माण एवं विकास पर विशेष ध्यान दें।

पंचक्रोशी यात्रा मार्ग को विकसित करें।

सिंहस्थ के श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पर अभी से विचार करें। आसपास के स्कूलों एवं कॉलेजों को पहचान करें और यहां जरूरी सुविधाघर , पेयजल उपलब्धता, मरम्मत तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की योजना बना लें।

 सांदीपनि विद्यालयों के उपयोग की भी योजना इसी के साथ तैयार कर लें।

शहर के आंतरिक क्षेत्रों तथा मेला क्षेत्र में पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता और सीवरेज संबंधी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग के लिए पर्यटन विभाग एवं पुलिस विभाग ज्वाइंट प्लान तैयार करे। घट्टिया, तराना तथा आसपास के क्षेत्रों में टेंट सिटी एवं होल्डिंग एरिया विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम किया जाए।

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी का पृथक से सिंहस्थ डिवीजन बनाए जाए।

मीटिंग मेंं महापौर मुकेश टटवाल, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, विधायक डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, विधायक सतीश मालवीय, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष डॉ. रवि सोलंकी, नगर निगम सभापति कलावती यादव, हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, एसीएस संजय दुबे, सीएम के पीएस सुखवीर सिंह, सचिव स्तर और स्थानीय स्तर के अफसर उपस्थित थे।

सीएम ने टेका कालीबाड़ी में माथा

शारदीय नवरात्र की महानवमी पर सीएम बंगाली कॉलोनी स्थित कालीबाड़ी भी पहुंचे और काली माता के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा। सीएम ने बंगाली समाज को स्वामित्व योजना के पट्टे जारी करने के आदेश दिए।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें