पान मसाला और तंबाकू उत्पाद एक फरवरी से महंगे

सिगरेट, बीड़ी जैसे तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर फरवरी से लागू होंगे। इससे सिगरेट, बीड़ी, पान मसाला जैसे उत्पाद महंगे हो जाएंगे। वित्त मंत्रालय की जारी अधिसूचना के अनुसार ये नए कर, जीएसटी के अतिरिक्त होंगे। यह उस क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे जो वर्तमान में हानिकारक उत्पादों पर लगाया जा रहा है। पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत और बीड़ी पर 18%जीएसटी लगेगा। पान मसाला पर स्वास्थ्य एवं राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर लगाया जाएगा। तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगेगा। गुटखा पर 91%, चबाने वाले तंबाकू पर 82त्न और जर्दा सुगंधित
तंबाकू पर 82त्न अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगेगा।

कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी- पान मसाला बनाने पर जीएसटी के साथ मशीन एवं क्षमता पर आधारित उपकर लगने से एक व्यापक कर ढांचा तैयार होगा जिससे कर चोरी की पहचान बेहतर होने के साथ राजस्व की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। जीएसटी और उपकर के जरिये मूल्य और क्षमता से जुड़े दो अलग-अलग डेटा समूह उपलब्ध होंगे।









