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बेटों की लाश कार में छिपाकर स्टेशन लाया पटवारी, ट्रेन आते ही पटरी पर उतरा

अक्षरविश्व न्यूज रायसेन। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में रविवार को पटवारी अजय धाकड़ के 2 बेटों की गला घोंटकर हत्या कर दी गई। दोनों के शव रेलवे स्टेशन की पार्किंग में खड़ी कार में मिले। अजय भी इसी स्टेशन पर ट्रेन से कटकर जान दे चुका है। पुलिस को शक है कि पहले बेटों की हत्या की, फिर कार में डालकर लाया था। रेलवे स्टेशन की पार्किंग का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें अजय कार पार्क करने के बाद अकेले जाता दिख रहा है, जबकि दोनों बच्चों के शव कार के अंदर ही थे। पुलिस ने कार से बेल्ट और चार्जर केबल जब्त किए हैं। पुलिस को आशंका है कि बच्चों की हत्या में इनका इस्तेमाल हुआ।

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एक चिता पर दोनों बेटों का अंतिम संस्कार
सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद दोनों बच्चों के शव गांव ले जाए गए। वहां दोनों बेटों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर, जबकि अजय का अलग चिता पर किया गया। परिजन के मुताबिक, रविवार को अजय दोनों बेटों को फिल्म दिखाने की बात कहकर घर से निकला था। पत्नी मालती ने साथ चलने की इच्छा जताई थी, लेकिन अजय ने मना कर दिया। उसने कहा था कि वह दोस्तों के पास जा रहा है। इसके बाद फिल्म देखने जाएंगे।

दोपहर 2:20 बजे पार्किंग की पर्ची कटी
पुलिस के मुताबिक, रविवार दोपहर करीब 2:20 बजे रेलवे स्टेशन की पार्किंग की पर्ची कटी थी। अजय कार पार्क करने के बाद वहां से चला गया। कुछ घंटे बाद उसकी आत्महत्या की सूचना मिली। वह संगमित्रा एक्सप्रेस के सामने रेलवे ट्रैक पर लेट गया था। ट्रेन की चपेट में आने से उसका सिर और धड़ अलग हो गए। जीआरपी जवान लक्ष्मण के मुताबिक, रविवार शाम करीब 5:30 बजे पत्नी मालती ने अजय के मोबाइल पर फोन किया था। उस समय मोबाइल पुलिस के पास था। पुलिस ने मालती को अजय की आत्महत्या की सूचना दी। पटवारी की आत्महत्या की खबर मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद दोनों बच्चों और कार की तलाश शुरू की गई। काफी देर तलाश करने के बाद रेलवे स्टेशन की पार्किंग में कार मिली। अंदर दोनों बच्चों के शव पड़े थे।

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दोनों बेटों के गले पर 3 निशान मिले
पिपरिया सामुदायिक अस्पताल में सोमवार को दोनों बच्चों का पोस्टमॉर्टम किया गया। डॉक्टर देवेंद्र ठाकुर ने बताया कि बड़े बेटे समर्थ के गले पर एक, जबकि छोटे बेटे शिवम की गर्दन पर दो निशान थे। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों की मौत करीब 12 पहले हुई थी।

उदयपुरा तहसील में पदस्थ था अजय
अजय धाकड़ रायसेन जिले की उदयपुरा तहसील में पटवारी था। वह रायसेन के अलीगंज का रहने वाला था। उसके पिता नारायण सिंह धाकड़ रिटायर्ड शिक्षक हैं। अजय परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। बरेली के एसडीएम अंकित कुमार जैन ने बताया- अजय उदयपुरा तहसील में पटवारी था। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसके कारण अभी स्पष्ट नहीं हैं। वहीं, पिपरिया एसडीओपी आशीष कुमार पवार ने रविवार को बताया था- पुलिस की शुरुआती जांच में दोनों बच्चों की गर्दन पर गला घोंटने जैसे निशान मिले हैं।

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