Advertisement

PNG लाइन : कनेक्शन के लिए खर्च करना होगे 6000 रुपए, कंपनी स्कीम भी दे रही

केंद्र का फरमान बढ़ाएगा जेब पर बोझ

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। रसोई गैस को लेकर केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय ने आदेश दिया है कि जिन इलाकों में पीएनजी (पाइप्ड नैचुरल गैस) गैस पाइप लाइन लगी है उन्हें एलपीजी सिलेंडर कंपनी को सरेंडर कर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य है। इसके लिए सरकार ने तीन महीने का समय तय किया है। सरकार का यह निर्णय कई परिवारों के लिए आर्थिक बोझ बढ़ाने वाला साबित होगा। मंत्रालय के अनुसार पीएनजी एक सुरक्षित और निरंतर मिलने वाला विकल्प है।

इसमें उपभोक्ताओं को सिलेंडर खत्म होने के डर या बार-बार रिफिल बुकिंग कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती। सरकार का उद्देश्य है कि जिन शहरी क्षेत्रों में पाइपलाइन का जाल बिछ चुका है, वहां की पूरी आबादी को पीएनजी पर शिफ्ट किया जाए ताकि एलपीजी के लॉजिस्टिक्स और वितरण का भार कम किया जा सके। कंपनी के डिप्टी मैनेजर मार्केटिंग अनुपम का कहना है कि कंपनी के नियमानुसार पीएनजी में शिफ्ट होने वाले उपभोक्ताओं को पहले बिल पर 500 रुपए का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। यह अप्रैल तक मान्य है।

Advertisement

शहर में 33 हजार कनेक्शन

अवंतिका गैस लिमिटेड ने शहर में 600 किमी क्षेत्र में अपनी लाइन बिछा रखी है जिसमें लगभग सभी प्रमुख कॉलोनियां शामिल हैं। अवंतिका गैस कंपनी के मैनेजर (ऑपरेशन) अभय कुमार तिवारी ने बताया कि कंपनी के फिलहाल 33 हजार से अधिक कनेक्शन हैं। आंकड़ों की बात करें तो पिछले महज 25 दिनों में ही शहर में कई लोग पीएनजी कनेक्शन के लिए कंपनी कार्यालय पर संपर्क कर रहे हैं। श्री तिवारी का कहना है कि हम हर क्षेत्र में कनेक्शन देने में सक्षम हैं और कंपनी ने इसके लिए पूरी तैयारी की है।

Advertisement

उपभोक्ता की जेब पर ऐसे लगेगा फटका

कंपनी के नियमों के मुताबिक गैस कनेक्शन के लिए उपभोक्ता को कुल 6000 रुपए से अधिक राशि चुकाना है। जिसमें से 5500 रुपए सिक्योरिटी डिपॉजिट है। यह राशि स्कीम के तहत ईएमआई में भी दी जा सकती है।

कंपनी द्वारा 15 मीटर तक की पाइप लाइन अपनी ओर से लगाई जाती है। इससे अधिक होने पर 418 रुपए प्रति मीटर उपभोक्ता से चार्ज किया जाता है।

किसे मिलेगी राहत?

सरकार ने उन उपभोक्ताओं के लिए राहत का प्रावधान भी रखा है जिनके घर तक तकनीकी कारणों से पाइप लाइन पहुंचाना संभव नहीं है। ऐसी स्थिति में अधिकृत गैस एजेंसी को एनओसी जारी करनी होगी। जब तक एनओसी प्रभावी रहेगी, उस घर की एलपीजी सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। हालांकि, एजेंसी को इसका विस्तृत रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा और जैसे ही तकनीकी बाधा दूर होगी, एनओसी वापस लेकर पीएनजी कनेक्शन अनिवार्य कर दिया जाएगा।

नए कनेक्शन के लिए स्कीम

ईएमआई – प्रारंभिक भुगतान 599, उसके बाद 500 रुपए की 11 ईएमआई, कुल 6099 रुपए देना होंगे।

पूर्ण भुगतान – पंजीकरण शुल्क 599 और वापसी योग्य सुरक्षा निधि 5000 सहित 5599 देना होना होंगे।

किस्त भुगतान – प्रारंभिक भुगतान 2999, शेष 3000 का भुगतान पहले बिल के साथ किया जाएगा। कुल 5999 देना होंगे।

गैस खर्च 1000 से अधिक

उपभोक्ताओं के अनुसार पीएनजी का प्रत्येक दो माह में बिल आता है। 4-5 सदस्यों के परिवार का प्रत्येक दो माह का बिल 2 से 3 हजार रुपए का आता है। यानी प्रत्येक परिवार की गैस का मासिक खर्च 1000 रुपए से अधिक होता है।

पेट्रोल पंप से भीड़ खत्म

उज्जैन। पेट्रोल खत्म होने की अफवाह और पैनिक खरीदी के कारण ड्राय हुए पंपों पर गुरुवार को स्थिति सामान्य हो गई। पैनिक खरीदी बंद होने से कतारें कम हो गईं और लोगों को आसानी से पेट्रोल-डीजल उपलब्ध होता रहा। दरअसल, सोमवार शाम से पेट्रोल खत्म होने की अफवाह शहर में फैल गई थी। इस वजह से शहर के 23 पेट्रोल पंप सहित जिलेभर के पंपों पर लोग टूट पड़े थे। हालात यह हो गए थे कि व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस को मैदान संभालना पड़ा था।

प्रशासन ने भी पेट्रोल-डीजल पर राशनिंग कर दी थी और 500 रुपए का पेट्रोल ही दिया जा रहा था। गुरुवार से सभी पेट्रोल पंपों पर स्थिति सामान्य रही। कई जगह तो यह हालत रहे कि पंपकर्मी हाथ बांधे ग्राहकों का इंतजार करते रहे। पेट्रोल-डीजल पंप एसोसिएशन के रवि लोहिया ने बताया कि गुरुवार को स्थिति इतनी सामान्य रही कि कस्टमर ना के बराबर आए। फिलहाल पेट्रोल-डीजल का स्टॉक पर्याप्त मात्रा में है।

Related Articles

Write a review