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पुलिस अकेली कुछ नहीं कर सकती, हम भी ईमानदारी से निभाएं अपनी जिम्मेदारी

यातायात के नियमों का पालन करें तो हादसों पर रोक लगेगी, व्यवस्था भी सुधरेगी

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए पुलिस अपनी ओर से प्रयास कर रही है। कतिपय लोगों की मनमानी और जल्दबाजी व्यवस्था बनाने में आड़े आ रही है। यदि सभी लोग नियमों का पालन करने लगें तो पुलिस को इतनी मशक्कत नहीं करना पड़ेगी। यातायात व्यवस्था सुधारना है तो सभी को सहयोग देना पड़ेगा। पुलिस कई सालों से प्रयास कर रही है, लेकिन सुधार नहीं आया। जब सख्ती बरती जाती है तो कुछ दिन के लिए यातायात सुधर जाता है। जानकारों का मानना है कि पहली जिम्मेदारी जनता की ही है।

लेफ्ट टर्न पर निकलने नहीं देते

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यातायात का नियम है। लेफ्ट टर्न हमेशा खुला रहता है। यदि आप कहीं से आ रहे हैं और लाल बत्ती हो गई। आपको लेफ्ट यानी बांयी ओर जाना है तो आप जा सकते हैं। दिक्कत यह है कि आपसे पहले जो लोग पहुंच गए हैं वे लेफ्ट टर्न के मुहाने पर डटे रहते हैं। अब आप कैसे निकलेंग? यही चिंता का विषय है। यदि सामने की ओर जाने वाले लेफ्ट टर्न को खाली छोड़ दें तो किसी से किचकिच भी नहीं होगी और व्यवस्था बनी रहेगी।

तीन बत्ती पर होते हैं विवाद
इंदौर रोड से आने वाले लोग तीन बत्ती पर आकर रुक जाते हैं। इस मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक रहता है। जिन लोगों को माधव क्लब की तरफ जाना होता है तो बहुत पीछे खड़े रहते हैं। यहां आगे जाने को लेकर आए दिन विवाद होते रहते हैं। इसी प्रकार होटल आश्रय की तरफ आने वालों को भी परेशानी से दो-चार होना पड़ता है। लोग पेट्रोल पंप की बाउंड्री से होकर गुजरते हैं।

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तीन सवार, रोकें तो मुंहजोरी
एक वाहन पर तीन लोगों का सवार होना, नियमानुसार गलत है। जब पुलिस वाले रोकते हैं तो अनर्गल भाषा का उपयोग किया जाता है। कभी-कभी तो ऐसा भी देखा गया है कि पुलिस को देखते ही स्पीड बढ़ा ली जाती है। अब आगे कोई टकराए या खुद का ही संतुलन बिगड़ जाए, इस पर विचार नहीं किया जाता।

जेबरा क्रासिंग पर वाहन

यातायात के नियमों के अनुसार जेबरा क्रासिंग पैदल यात्रियों के लिए है। इस लाइन पर वाहन नहीं होना चाहिए। लोग मानते ही नहीं। पैदल जाने वाले भी हरी बत्ती का इंतजार करते हैं। यदि वाहन चालक समझदारी से काम लें तो पैदल यात्रियों की परेशानी दूर हो सकती है। यहां यातायात पुलिस का जवान न होने से भी व्यवस्था बिगड़ती है।

कोयला फाटक पर रोज टूटते हैं यातायात नियम

नियमों की धज्जियां उड़ती हुई देखना है तो कोयला फाटक चौराहे पर चले जाइए। आपको पता चल जाएगा कि इस शहर के कतिपय लोग किस तरह नियमों को तोड़ते हैं। सबसे अव्वल तो यह कि लाल बत्ती होने के बावजूद वाहन नहीं रोकते। नतीजतन भिडं़त होती है। यहां भी लेफ्ट टर्न के नियम का पालन नहीं होता। निजातपुरा से आने वाले जिन्हें नगर निगम की ओर जाना है वे खड़े रहते हैं। जब हरी बत्ती होती है तब वे आगे बढ़ते हैं। यानी लोगों में इतनी सोच नहीं कि पीछे वाले को लेफ्ट में जाने दें।

पीछे की नंबर प्लेट गायब

कैमरे लगने के बाद ऑन लाइन चालान की बहुत धूम मची। कई लोगों के घर चालान पहुंच गए। इससे लोगों में डर पैदा हुआ। इसी डर ने उन्हें यातायात के नियम भी सिखा दिए थे। बताया जाता है कैमरा पीछे की ओर वाली नंबर प्लेट स्कैन करता है। भाई लोगों ने अपने वाहनों केे पीछे की नंबर प्लेट ही हटवा ली। अब बनाओ चालान और घर भेजो। कैसे भेजोगे? बहरहाल, शहर के सभी लोगों को यातयात के नियमों का पालन करना होगा तब जाकर व्यवस्था में सुधार आएगा।

बेतरतीब पार्क करना

कुछ लोगों की आदत होती है, वे दुकान के सामने वाहन इस तरह पार्क करते हैं जैसे पूरी सडक़ का टैक्स वे ही देते हैं। ऐसे लोगों की वजह से भी जाम लगता है। शराब पीकर वाहन चलाना खतरे से खाली नहीं रहता। आप तो चोटिल होते ही हैं, वे निर्दोष लोग भी चपेट में आ जाते हैं जो यातायात के नियम समझते हैं।

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