5 ऑफिस में दबिश, इनवेस्ट के नाम पर धोखाधड़ी, 11 पकड़ाए

आईजी ने पुलिस अधीक्षक से करवाया परीक्षण, लाइन के पुलिस अफसरों ने दबिश के बाद टीआई को दी सूचना

खेल शेयर मार्केट का
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। लोगों को शेयर मार्केट में निवेश कर लाखों रुपए कम समय में कमाने का लालच देकर फर्जी एडवायजरी कंपनियां शहर में संचालित हो रही थीं। जिसकी खासियत यह थी कि इनवेस्ट के बाद यदि फायदा होता तो इनवेस्टर को लाभ का 50-60 प्रतिशत मिलता और बाकि कमीशन के रूप में एडवायजर कंपनी रखती और घाटा होता तो इनवेस्टर के पूरे रुपए डूबते कंपनी का कुछ नहीं जाता। ऐसी फ्रॉड कंपनियों की शिकायत आईजी उमेश जोगा को मिली। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इसका परीक्षण कराया और फिर पुलिस लाइन के फोर्स ने बुधवार को फ्रीगंज क्षेत्र में 5 स्थानों पर दबिशें देकर 11संचालकों को गिरफ्तार कर लिया।
6 से 10 हजार वेतन और ऊपर से कमीशन: पुलिस ने बताया कि उक्त कंपनियों में 18 से 22 वर्ष उम्र वर्ग के युवक-युवतियां काम करते थे जिनसे 6 से 10 हजार रुपए वेतन और कमीशन पर काम कराया जाता था। पांचों स्थानों से ऐसे कुल 130 कर्मचारी काम करते मिले थे। पुलिस ने इन्हें गवाह बनाया है, जबकि कंपनी के संचालक केस में आरोपी बने हैं। उक्त कर्मचारियों का काम लोगों को फोन लगाना, उन्हें बातों में उलझाकर शेयर मार्केट में इनवेस्ट करने, कम समय में लाभ कमाने और उनका डिमेट खाता खुलवाना था।
माधव नगर में 3 और नीलगंगा में 2 केस
टीआई राकेश भारती ने बताया कि पुलिस टीम ने कांच वाला बिल्डिंग विनायक कैफे हाऊस के पास, एके बिल्डिंग और उसके सामने वाले घर में कुल तीन स्थानों पर दबिश देकर तीनों जगह से अनिकेत, वैभव, पवन, मनीष, शुभम, सुनील, अभिषेक, अजय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में अजय ने बताया कि वह एंजल एडवायजरी कंपनी एके बिल्डिंग में 6 माह से अधिक समय से संचालित कर रहा था। सुनील व अन्य स्टॉक बुल रिसर्च के नाम से कंपनी चला रहे थे। नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि कुबेर होटल से आशुतोष ललावत, शशि मालवीय और विशाल मेगामाट से चंदन भदौरिया को गिरफ्तार किया है। उक्त लोग पिछले डेढ़ माह से एडवायजरी कंपनी संचालित कर रहे थे। दोनों थानों में आरोपियों के खिलाफ धारा 319, 319, 66 डी आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।
दबिश के बाद पहुंची थानों की पुलिस
फर्जी एडवायजरी कंपनियों पर दबिश को पुलिस विभाग द्वारा पूरी तरह गोपनीय रखा गया था। बुधवार दोपहर में जब पुलिस टीमों द्वारा एक साथ पांच स्थानों पर दबिश दी गई उस दौरान पुलिस लाइन के अफसर और फोर्स मौजूद था जबकि संबंधित थानों के पुलिस अधिकारियों को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। दबिश के करीब 30 मिनिट बाद संबंधित थानों के पुलिस अफसर और सायबर सेल, क्राइम ब्रांच की टीम उक्त स्थानों पर पहुंची। यहां मौजूद कर्मचारियों और संचालकों हिरासत में लेकर थाने में पहुंचे और पुछताछ के बाद केस दर्ज किया गया।
लापरवाही मिली तो कार्रवाई करेंगे: एसपी प्रदीप शर्मा ने कहा कि माधव नगर और नीलगंगा थाना क्षेत्र में फर्जी एडवायजरी कंपनियां लंबे समय से संचालित हो रही थीं। यदि इसमें संबंधित थाने के प्रभारी या अन्य किसी की लापरवाही सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना
फर्जी एडवायजरी कंपनी द्वारा ठगी किए जाने के संबंध में शिकायत मिली थी। जिसका पुलिस अधीक्षक से परीक्षण कराया गया। शिकायत सही पाए जाने पर पुलिस टीम द्वारा कार्रवाई कर धोखाधड़ी करने वालों की गिरफ्तारी की गई है।
उमेश जोगा, आईजी, उज्जैन रेंज









