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भाई के लिए बाजार मेें तैयार है अब राखी की रेडीमेड थाली

बाजार में सजी दुकानें, राखी पर महंगाई का साया, त्योहार को लेकर शहरवासियों में उत्साह

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। बहनों की सुविधा के लिए बाजार में अब रक्षाबंधन की रेडीमेड थाली उपलब्ध है। पैकेट में राखी के साथ नारियल, कुंकु, चावल और छोटी-सी थाली भी मिलेगी। बाहर से आने वाली बहनों के लिए यह तैयार थाली सुविधाजनक साबित हो सकती है। दुकानों पर भाई-भाभी के लिए राखी जोड़ भी है। दोनों को एक जैसी राखी बांधकर बहने खुश कर सकती हैं।

रक्षाबंधन 9 अगस्त को है। इसके लिए राखी का बाजार सज गया है। फ्रीगंज में करीब 100 से अधिक राखी की दुकानें सज चुकी हैं जहां पर बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए अलग-अलग राखियां उपलब्ध हैं। कमला नेहरू मार्ग पर बरसों से राखी की दुकान लगाने वाले व्यापारी रवि जैन का कहना है कि उन्होंने राखी का लेटेस्ट मॉल कलकत्ता और जयपुर से मंगाया है। जिसमें बहनों की सुविधा के लिए रक्षाबंधन किट (राखी, थाली नारियल सहित) व भाई-भाभी के लिए कॉम्बो पैक में तमाम तरह की राखियां प्रमुख हैं। रक्षाबंधन किट की कीमत 300 और भाई-भाभी की कॉम्बो पैक की राखियां 120 रुपए से शुरू हो रही हैं। रवि जैन के पास ब्रांडेड राखियां भी हैं जिनकी कीमत 120 से 500 रुपए तक है। अन्य व्यापारी दीपक सिंह सुनहेरे ने बताया कि ब्रांडेड राखियां और चूड़ा राखी की डिमांड ज्यादा है।

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धार्मिक राखियां भी मार्केट में
इस बार बाजार में धार्मिक राखियां भी कई वैरायटी मेें उपलब्ध हैं। सुनीता मालवीय बताती हैं उनके पास भगवान जगन्नाथ, खाटू श्याम, श्याम जी के तीन बाण आदि की राखियों की ज्यादा डिमांड है। इनकी कीमत ३० से लेकर १०० रुपए तक है। इनके अलावा श्रीगणेश, भगवान कृष्ण आदि से जुड़ी राखियां भी हैं।

बच्चों की पसंद आज भी मोटू-पतल व डोरेमोन
बाजार में बच्चों के लिए तमाम नई किस्म की राखियां आई हैं। जिसमें म्युजिकल, केलकुलेटर राखी इस बार नया आयटम है। हालांकि बच्चों को मोटू-पतलू, डोरेमोन, पबजी, छोटा भीम की राखियां ही ज्यादा पसंद आ रही है। इनकी डिमांड अधिक है।

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पिछले साल से 20% महंगी है राखियां: इस साल राखियों पर महंगाई का साया भी है। व्यापारी रवि जैन का कहना है कि इस बार राखियां 20 प्रतिशत महंगी हैं। उनकी दुकान पर कई वैरायटी की राखियां उपलब्ध हैं। इसी प्रकार सुनीता मालवीय भी राखियों के दाम आगे से ही महंगा होना बता रही हैं। उनका कहना है कि स्थानीय बाजार महंगा जरूर हुआ है, लेकिन उन्होंने दाम स्थानीय बाजार के मुताबिक ही बढ़ाए हैं। कुल मिलाकर बाजार में राखियां 15 से 20 प्रतिशत महंगी मिल रही हैं।

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