सेंट्रल लाइटिंग की राह में धर्मस्थल, कैसे होगा काम

केडी गेट रोड का काम उलझा, गैलरी के नीचे ढाई मीटर जगह होगी साफ

एमआईसी सदस्यों को बुलाया ही नहीं, निगम अध्यक्ष और महापौर ने भी बीच में दौरा छोड़ा
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन केडी गेट रोड चौड़ीकरण का मामला अब भी उलझन में है। मंगलवार को विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा ने महापौर मुकेश टटवाल और निगम अध्यक्ष कलावती यादव के साथ निरीक्षण किया, जिसमें बड़ी अड़चन यह सामने आई कि सेंट्रल लाइटिंग करने पर बीच में धर्मस्थल आ रहे हैं। कई लोगों ने नई गेलरियां भी बिना अनुमति बना ली हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केडी गेट रोड पर सेंट्रल लाइटिंग की घोषणा की है। इसका एक प्लान भी आ गया है, लेकिन निगम प्रशासन के सामने बड़ी अड़चन यह आ रही है कि बीच में कुछ धर्म स्थल आ रहे हैं। इनको शिफ्ट किए बिना सेंट्रल लाइटिंग होना संभव नहीं है। सड़क चौड़ीकरण की राह में कुल 24 धर्मस्थल हैं। इनको हटाने के लिए प्रशासन अब तक कोई फैसला नहीं कर सका है। इस कारण रोड चौड़ीकरण का काम भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। फिलहाल तय किया गया है कि नई गैलरी बनने से रोकी जाए और नीचे की जगह साफ की जाए ताकि इलेक्ट्रिक पोल लग सकें। दौरे में विधायक कालूहेडा के साथ महापौर टटवाल और निगम अध्यक्ष यादव भी थीं, लेकिन दोनों को बीच दौरे से जाना पड़ा। एमआईसी सदस्य कोई नहीं था।
एमआईसी सदस्यों में पनप रही नाराजी…
सड़क चौड़ीकरण के निरीक्षण के लिए किसी एमआईसी सदस्य को साथ नहीं रखा गया न किसी को सूचना दी जा सकी। सूत्रों के अनुसार इस उपेक्षा से सदस्य भी नाराज हैं। उनका कहना है एमआईसी सदस्यों को निरीक्षण के समय बुलाया नहीं जाता। इस कारण वे अपना परफोर्मेंस कैसे दे सकेंगे।









