चार साल बाद भी नगर निगम में पक्ष दल का गठन नहीं

समन्वय नहीं होने से पार्षदों का एक खेमा है नाराज, जल्द गठन का आश्वासन
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम परिषद् के कार्यकाल का यह अंतिम साल चल रहा है, पर चार साल बाद भी निगम में भाजपा पार्षद दल का गठन नहीं हो सका है। ऐसे में समन्वय नहीं होने से भाजपा पार्षदों का ही एक खेमा खुश नहीं है। महापौर संगठन से हरी झंडी नहीं मिलने को दल गठन नहीं होने के लिए जिम्मेदार मानते हैं। संगठन के मुखिया कहते हैं कि जल्दी ही दल का गठन कर लिया जाएगा।
दरअसल, नगर निगम का संचालन भी राज्यसभा, लोकसभा और विधानसभा की तर्ज पर होता है। यहां भी पक्ष दल के साथ प्रतिपक्ष दल और सचिवालय होता है। कांग्रेस ने तो प्रतिपक्ष दल का गठन परिषद् के गठन के साथ ही कर लिया था। रवि राय उसके नेता और गब्बर कुवाल उपनेता हैं। नाजिया बी सचेतक की भूमिका में हैं। नगर निगम में १७ पार्षद रखने वाली कांग्रेस पार्षद दल का गठन करने में आगे हैं, लेकिन 37 पार्षदों वाली भाजपा चार साल पीछे चल रही है। भाजपा पार्षद दल के नेता महापौर हैं, पर वे बगैर उपनेता और सचेतक के ही काम चला रहे हैं। कार्यालय मंत्री को भी अब तक नियुक्त नहीं किया गया है।
भाजपा पार्षद दल नहीं होने से क्या दिक्कत
पार्षद दल के तीन प्रमुख काम हैं। पहला सदन में अपनी पार्टी का पक्ष मजबूत करना दूसरा नगर निगम में होने वाली गतिविधियों की सूचना पार्षदों तक पहुंचाना और तीसरी पार्षदों और अफसरों के बीच समन्वय बनाना। इसमें सचेतक का काम सबसे महत्वपूर्ण है। उन्हें सूचना देने के साथ वोटिंग की स्थिति में व्हिप जारी करने का अधिकार भी है।
फिलहाल यह तीनों ही काम प्रभावित हो रहे हैं। जैसे गुरुवार को ही एल्डरमैन के शपथ ग्रहण और सम्मान समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ पार्षद नहीं पहुंचे, क्योंकि सूचना नहीं थी।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
भाजपा पार्षद दल के गठन के संबंध में समय-समय पर संगठन से अनुमति मांगी गई। फिलहाल अनुमति नहीं मिली है, इसलिए गठन नहीं हो पा रहा है।
मुकेश टटवाल, महापौर
एल्डरमैन की शपथ हो गई है, अब जल्दी ही भाजपा पार्षद दल का गठन भी कर लिया जाएगा।
संजय अग्रवाल
नगर अध्यक्ष भाजपा









