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11.30 लाख की गोल्ड लोन धोखाधड़ी का दूसरा आरोपी भी गिरफ्त में

उज्जैन। माधवनगर पुलिस ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक हाई-प्रोफाइल मामले का पर्दाफाश करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने टेकओवर गोल्ड लोन की आड़ में मणप्पुरम फाइनेंस लिमिटेड के साथ 11.30 लाख रुपये की ठगी की थी। ठगी गई शत-प्रतिशत राशि (11.30 लाख) को आरोपियों के बैंक खातों में ही फ्रिज करा दिया गया।

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मामला 16 दिसंबर का है। मुख्य आरोपी रामगोपाल विश्वकर्मा अपने साथी अंशुल दांगी के साथ मणापुरम फाइनेंस (इंदौर रोड) पहुँचा। उन्होंने बैंक स्टाफ को झांसा दिया कि उनका गोल्ड लोन आईआईएफएल फाइनेंस में चल रहा है जिसे वे यहां ट्रांसफर (टेकओवर) करना चाहते हैं। आरोपियों ने फर्जी कागजात दिखाकर बैंक से 11.30 लाख रुपए का लोन पास करा लिया। जैसे ही यह राशि रामगोपाल के एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खाते में आई, उसने इसे नियमानुसार आईआईएफएल फायनेंस को देने के बजाय तुरंत अपने साथी अंशुल दांगी के बैंक ऑफ बड़ौदा खाते में आरटीजीएस कर दिया। बैंक स्टाफ को भनक लगती, उससे पहले ही दोनों आरोपी चकमा देकर भाग निकले। जांच में खुलासा हुआ कि आईआईएफएल में उनका कोई गोल्ड लोन था ही नहीं।

शिकायत मिलते ही पुलिस ने की घेराबंदी: थाना माधवनगर में धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर 20 दिसंबर को अंशुल दांगी (27 वर्ष, निवासी विदिशा) को गिरफ्तार किया, जो फिलहाल 26 दिसंबर तक पुलिस रिमांड पर है। 24 दिसंबर को पुलिस ने मुख्य सरगना रामगोपाल विश्वकर्मा (28 वर्ष, निवासी राजगढ़) को भी धर दबोचा।एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर सीएसपी दीपिका शिंदे ने मार्गदर्शन में बनी माधवनगर पुलिस की टीम ने तत्परता दिखाते हुए बैंक खातों की कडिय़ाँ जोड़ीं और आरोपियों के खातों में मौजूद पूरी की पूरी 11 लाख 30 हजार रुपए की राशि फ्रीज करवा दी, जिससे बैंक को होने वाली बड़ी आर्थिक क्षति टल गई।

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