13 दिन बाद दोबारा चालू हुआ सेवरखेड़ी प्रोजेक्ट का काम

किसान मुआवजे से खपा लेकिन शिप्रा के लिए काम चालू कराने पर सहमत

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। शिप्रा नदी में जल प्रवाह को बनाए रखने के लिए किए जा रहा सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी जल परियोजना का काम 13 दिन बाद फिर से शुरू हो गया है। किसानों और प्रशासन के बीच मुआवजा रकम का टकराव फिलहाल समाप्त नहीं हुआ है, इसके बावजूद अधिकांश किसान इस बात पर सहमत हो गए कि यदि परियोजना में देरी हुई तो सिंहस्थ की तैयारी पर इसका असर होगा, लिहाजा किसान काम दोबारा शुरू कराने पर सहमत हो गए हैं।
गत 21 नवंबर को कल्याणपुरा, सेवरखेडी, सिलारखेड़ी के किसानों ने परियोजना का काम रुकवा दिया था। बुधवार की शाम एसडीएम कृतिका भीमावद की अगुवाई में जल संसाधन कार्यपालन यंत्री मयंक सिंह, एसडीओ योगेश सेवक ने योजना से प्रभावित करीब 50 किसानों के साथ बैठक की।
यह बैठक शाम 4 बजे हुई और शाम करीब 6 बजे किसानों ने खुद ही मौके पर लगाए बेरिकेड हटा दिए। इस बैठक में एसडीएम ने किसानों को समझाइश दी कि मुआवजा या भू अर्जन से संबंधित आपकी जो भी समस्याएं हैं उन पर बातचीत जारी रहेगी और प्रशासन की ओर से भी हर संभव सहयोग किया जाएगा। काम रोके जाने से सिंहस्थ की तैयारियों पर इसका असर होगा लिहाजा काम को अपनी गति से चलने दें। किसान इस पर सहमत हो गए।
किसानों की अगुवई कर रहे कल्याणपुरा निवासी दिलीप सिंह सिसोदिया के मुताबिक योजना में करीब 400 बीघा जमीन प्रभावित हो रही है, प्रशासन ने प्रति बीघा मुआवजा औसत 17 लाख 50 हजार रुपए तय किया है, यह बाजार मूल्य से बहुत ही कम है। किसान मुआवजे की रकम को लेकर अभी भी असंतुष्ट हैं और अपना विरोध जारी रखेंगे लेकिन सिंहस्थ और शिप्रा जी से जुडी धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए काम में बाधा नहीं बनने का निर्णय लिया गया है।









