सोमवती अमावस्या 30 दिसंबर को सोमतीर्थ कुंड पर तैयारियां प्रारंभ

साल की आखिर में होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के स्नान के लिए पहुंचने की उम्मीद
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उज्जैन। साल के आखिर में 30 दिसंबर को सोमवती अमावस्या है। सोमतीर्थ कुंड और शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है, इसके लिए तैयारियां शुरू हो गई हैं।
मंगलवार सुबह नगर निगम कर्मचारियों ने सफाई की शुरुआत की। कुंड की सीढ़ियों पर झाडू लगाई गई। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए फव्वारे लगाए जाएंगे। हालांकि, अभी सोमवती अमावस्या में पांच दिन शेष हैं, ऐसे में उम्मीद है कि उससे पहले तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।
दरअसल, सोमवती अमावस्या पर सोमतीर्थ स्थित सोमकुंड में स्नान तथा इसके उपरांत श्री सोमेश्वर महादेव के दर्शन एवं पूजन का विधान है। मान्यता है इससे मनुष्य के जन्म पत्रिका में मौजूद चंद्रमा के दोष समाप्त हो जाते हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचते हैं।
वृद्धि योग का होगा निर्माण
साल के आखिर में 30 दिसंबर को सोमवती अमावस्या है। इस दिन वृद्धि योग का निर्माण होगा जो प्रात:काल से लेकर रात 8.32 बजे तक रहेगा। इस दौरान मूल नक्षत्र भी बनेगा।
भगवान विष्णु की पूजा एवं पितरों के निमित्त तर्पण एवं दान-पुण्य के लिए यह अमावस्या खास मानी जाती है। इससे पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है, साथ ही सभी गृह दोष समाप्त होते हैं। इस दिन सोमवार होने से भगवान शिव की उपासना का विशेष अवसर मिलेगा।










