राज के साथ भाग जाती सोनम तो बेहतर होता

राजा हत्याकांड… परिवार तर्पण करने सिद्धवट पहुंचा, साथ में सोनम का भाई भी था
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। इंदौर के ट्रासंपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद उनका परिवार शुक्रवार को पिंडदान करने उज्जैन के सिद्धवट घाट पहुंचा। परिवार के साथ सोनम का भाई गोविंद भी मौजूद था। परिवार शिप्रा के सिद्धवट घाट पर तर्पण करने आया था। इस दौरान गोविंद ने चर्चा में कहा कि मेरी बहन गुस्सैल और जिद्दी है। उसने इंदौर सहित प्रदेश का नाम बदनाम किया है। उसने गलती की है तो सजा मिलना चाहिए। हम उसके लिए वकील भी नहीं करेंगे। अगर मुझे राज और सोनम के अफेयर का पता होता तो मैं दोनों की शादी करवा देता या वे दोनों भाग जाते। कम से कम इतना बड़ा कांड तो नहीं होता।
घरवालों की ओर से सोनम पर कोई दबाव नहीं था। वह आजाद ख्यालों वाली थी। शादी नहीं करना होती तो बता देती। वह इतनी जिद्दी थी कि परिवार के लोग उसके फैसले का विरोध भी नहीं कर पाते थे। उसने कहा कि मैं राजा के परिवार के साथ आया हूं। मैं राजा के परिवार को अपना परिवार मानता हूं। मेरी बहन पर आरोप सिद्ध होते है तो उसे फांसी की सजा होना चाहिए। परिवार ने सिद्ध वट पर पं. राजेश त्रिवेदी से पूजन संपन्न करवाई।

दोनों मांगलिक थे: गोविंद
गोविंद ने बताया कि शादी से पहले दोनों की कुंडली का मिलान करवाया था। दोनों ही मांगलिक थे। इसी के चलते शादी का योग बन गया था। पंडित के कहने पर ही शादी की तारीख तय की गई और विवाह हुआ। उस समय किसी को नहीं पता था कि सोनम के दिमाग में क्या चल रहा है। उसने उस वक्त शादी के लिए इंकार भी नहीं किया था।
शादी के बाद 4 दिन रुकी ससुराल में
राजा के भाई विपिन ने बताया कि एक माह (11 मई) पहले दोनों की शादी हुई थी। 21 मई को दोनों शिलांग हनीमून के लिए गए थे। जब हनीमून के लिए जाना था तब सोनम अपने पिता के घर थी और राजा अपने घर था। दोनों में मोबाइल पर ही प्लानिंग हुई थी। उसने बताया कि सोनम शादी के बाद ससुराल में सिर्फ चार दिन ही रुकी थी।









