सिंहस्थ कामों की तेज रफ्तार पर बड़े साहब ने थपथपाई अफसरों की पीठ

एसीएस राजौरा ने की संभागायुक्त और कलेक्टर की तारीफ, भूखी माता ब्रिज का काम दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ की तैयारियां देखने राजधानी से आए एसीएस राजेश राजौरा काम की गति देख खुश हो गए। उन्होंने संभागायुक्त आशीषसिंह और कलेक्टर रौशनकुमार सिंह की पीठ थपथपाई। पहले मीटिंग और फिर मैदानी दौरा करने के बाद राजौर ने प्रशासनिक अफसरों से कहा भूखी माता ब्रिज का निर्माण दिसंबर तक हर हाल में पूरा करवा लें। उन्होंने काम की क्वालिटी पर खुशी जताई।
एसीएस उज्जैन में कलेक्टर रह चुके हैं। २००४ में सिंहस्थ उनकी देखरेख में ही हुआ था, पिछली बार मीटिंग में वह बहुत चिंतित दिखाई दिए थे। ऐसे में उन्होंने मीटिंग के बाद मैदानी मुआयने को प्राथमिकता दी। भूखी माता ब्रिज की पूर्णता के बारे में उन्होंने सेतु निगम के कार्यपालन यंत्री से ही सीधे सवाल कर लिया। उन्होंने एसीएस को आश्वस्त किया कि दिसंबर 2026 तक यह पूर्ण हो जाएगा। साथ चल रहे यूडीए सीईओ संदीप सोनी ने बताया कि ब्रिज की कनेक्टिविटी रोड भी जनवरी 2027 तक तैयार हो जाएगी।
नए घाट और फोरलेन देखा
एसीएस ने दौरे की शुरुआत अंगारेश्वर मंदिर के समीप घाट निर्माण के निरीक्षण से की। यहां से कार्तिक मेला ग्राउंड पहुंचे और नई खेड़ी सिंहस्थ बायपास तक बन रहे 2.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन मार्ग का काम देखा। गेल चौराहे से शांति नगर के बीच चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का भी मुआयना किया और व्यवस्थित कार्य की सराहना की।
चौराहों का भी होगा कायाकल्प
संभागायुक्त आशीष सिंह ने बताया कि चौड़ीकरण के साथ शहर के प्रमुख चौराहों को व्यवस्थित और सुंदर बनाया जा रहा है।
बैठक : अनुभवों और आधुनिक तकनीक समन्वय से ब्लूप्रिंट बनाएं
2016 में पदस्थ अधिकारियों के अनुभवों का लाभ लें-डॉ. राजौरा
उज्जैन। अपर मुख्य सचिव (एसीएस) डॉ. राजेश राजौरा ने सिंहस्थ कार्यों की समीक्षा बैठक में 2016 में पदस्थ रहे अधिकारियों के अनुभवों का लाभ लेने की अपील की। राजौरा ने कहा कि इनसे चर्चा करें और उनके प्रशासनिक नोट्स का गहराई से अध्ययन करें, ताकि भीड़ प्रबंधन, यातायात और अन्य महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की पुख्ता कार्ययोजना बनाई जा सके।
अस्थायी कामों की व्यवस्थित योजना बनाएं
डॉ. राजौरा ने खंडवा, मंदसौर, नीमच और आगर मालवा के अफसरों से कहा कि सिंहस्थ अस्थाई प्रकृति के कार्यों पर निर्भर होता है। ऐसे में अगली बैठक में अस्थायी और तात्कालिक कार्यों की व्यवस्थित कार्ययोजना प्रस्तुत करें। इसमें यह साफ हो कि कौन सा कार्य कितना समय लेगा, ताकि अंतिम समय में कोई अफरा-तफरी न मचे।
स्थायी निर्माण में होगा न्यू टेक्नोलॉजी का समावेश
एसीएस ने निर्माण कार्यों में मजबूती और क्वालिटी के लिए नई एवं उन्नत टेक्नोलॉजी के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर निर्माण क्षेत्र की सबसे आधुनिक तकनीक का उपयोग सिंहस्थ 2028 में किया जाए।
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