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प्रभारी प्राचार्य पर एफआईआर के विरोध में शिक्षक और ग्रामीण

आरोप-स्कूल में अश्लील गानों पर डांस रुकवाने पर अतिथि शिक्षक ने भीड़ के साथ किया जानलेवा हमला

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। माकड़ौन थाना क्षेत्र के शासकीय ईपीएस हाईस्कूल परसोली में प्रभारी प्राचार्य और अतिथि शिक्षक के बीच उपजा विवाद अब गरमाता जा रहा है। पुलिस द्वारा प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर को एकतरफा बताते हुए मंगलवार को बड़ी संख्या में शिक्षकों और ग्रामीणों ने एसपी को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीण जगन्नाथ बागड़ी ने बताया घटना 7 फरवरी की है। आरोप है कि अतिथि शिक्षक दिलीप शर्मा ने स्कूल परिसर में अपना जन्मदिन मनाया जिसमें 10वीं कक्षा की छात्राओं को डांस करवाया। इसमें कुछ बाहरी असामाजिक तत्व भी शामिल थे। प्रभारी प्राचार्य ने जब इस पर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम रुकवाया और कक्षा में ताला लगवाया तो उन्हें देख लेने की धमकी दी गई।

जानलेवा हमला और तोडफ़ोड़ का आरोप
प्राचार्य द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार 9 फरवरी को जब बोर्ड परीक्षा का काम चल रहा था तब अतिथि शिक्षक दिलीप शर्मा 50-60 लोगों की भीड़ लेकर स्कूल पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। बचने के लिए प्राचार्य ने खुद को कमरे में बंद किया तो भीड़ ने खिड़की-दरवाजे और उनकी बाइक तोडफ़ोड़ तोड़ दी। आरोप है कि इस दौरान जातिगत शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया।

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पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 112 पर सूचना के बाद पुलिस प्राचार्य को थाने ले गई, जहां दबाव बनाकर उनके विरुद्ध ही मामला दर्ज कर लिया गया, जबकि उनकी शिकायत को अनसुना कर दिया गया। घटना का वीडियो बना रहे बाबूलाल मालवीय का मोबाइल भी तोड़ दिया गया।

इनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग
शिक्षकों ने एसपी से मांग की है कि अतिथि शिक्षक दिलीप शर्मा, रोजगार सहायक कमल शर्मा, संजय शर्मा और विक्रम शर्मा के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया जाए। इस दौरान संजय परमार, सुरेंद्र सिंह यादव, हीरालाल पवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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