ननि में निविदा का खेल उजागर तीन अधिकारी अब आए हैं लपेटे में…

आयुक्त ने विभागीय जांच के आदेश जारी किए जांच अधिकारी से पंद्रह दिन में रिपोर्ट मांगी है
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नगर निगम में निविदा जारी करने, न करने और मनमाने तरीके से जारी करने का खेल पिछले कई महीनों से चल रहा था। आखिर ऐसा कब तक चलता। शिकायत हुई और इस पूरे खेल का पर्दाफाश हो गया। अब निगम आयुक्त ने तीन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। यदि बारीकी से जांच की जाए तो निचले स्तर के भी कई कर्मचारियों के चेहरे से नकाब उतर सकता है जो निविदा जारी करने के नाम पर खेल करते हैं। कई कर्मचारियों को पूर्व आयुक्त ने जनसंपर्क विभाग से हटा दिया था लेकिन वे सांठगांठ कर उसी स्थान पर विराजित हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार आयुक्त आशीष पाठक ने नगर निगम के झोनल अधिकारी झोन क्रमांक 1 के मनोज राजवानी, उपयंत्री निशा वर्मा, एवं सहायक वर्ग 3 सुधीर भारती को अकारण निविदा प्रक्रिया को लंबित रखने पर विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं।
पंद्रह दिन में रिपोर्ट मांगी गई है। आयुक्त को इस बात का भी ध्यान रखना है कि जांच में ही कोई खेल न हो जाए।
मनोज राजवानी, उपयंत्री निशा वर्मा ने वार्ड क्रमांक 10 तिलकेश्वर महादेव मंदिर के पीछे कम्युनिटी हॉल निर्माण कार्य से सम्बंधित जारी निविदा प्रकरण को अकारण लंबित रखा। उपायुक्त मनोज मौर्य को जांच अधिकारी तथा सहायक वर्ग 1 शिल्पज्ञ विभाग के विजय सिंगारिया को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त है। निर्देश दिए हैं कि 15 दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
एक माह तक लंबित रखा
शिल्पज्ञ विभाग सहायक वर्ग 3 सुधीर भारती ने प्रोजेक्ट सेल से संबंधित निविदा आमंत्रण प्रक्रिया को लगभग 1 माह तक अकारण लंबित रखा। इस वजह से निविदा प्रक्रिया में विलंब हुआ। इस मामले में सुधीर भारती के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश जारी हो गए हैं। अधीक्षण यंत्री संतोष गुप्ता को जांच अधिकारी तथा सहायक वर्ग 1 शिल्पज्ञ विभाग के विजय सिंगारिया को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी नियुक्त किया है। इन्हें भी निर्देश दिए गए हैं कि वे १५ दिन में अपनी रिपोर्ट पेेश करेंगे।









