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रिश्वतखोर दरोगा को 4 साल की जेल, संबल योजना की राशि के लिए मांगी थी घूस

न्यायालय ने ऑडियों को महत्वपूर्ण साक्ष्य मान फैसला सुनाया

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने शुक्रवार, 26 दिसंबर को थाना घट्टिया के तत्कालीन उप निरीक्षक (एसआई) प्रेम सिंह यादव को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी करार देते हुए 4 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। सजा के तुरंत बाद आरोपी को भैरूगढ़ जेल भेज दिया गया।

मामला मार्च 2023 का है। ग्राम शक्करखेड़ी निवासी आवेदक आशाराम यादव के जीजा राजाराम की एक सडक़ दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। जिसकी जांच उप निरीक्षक प्रेम सिंह यादव कर रहे थे। मृतक के परिवार को संबल योजना के तहत सहायता राशि मिलनी थी, जिसके आवेदन के लिए पीएम रिपोर्ट की आवश्यकता थी। जब आवेदक रिपोर्ट लेने एसआई के पास पहुँचा, तो उन्होंने रिपोर्ट देने के बदले 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।

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भजन लगते ही रिश्वत के रुपए नहीं लिए लोकायुक्त की जाल में ऐसे फंसा दरोगा
आवेदक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त एसपी से की। लोकायुक्त ने आवेदक को एक वॉइस रिकॉर्डर दिया, जिसमें रिश्वत की मांग रिकॉर्ड हो गई। रिकॉर्डिंग के आधार पर लोकायुक्त डीएसपी सुनील कुमार तालान ने ट्रेप किया। कार्रवाई की आरोपी प्रेम सिंह को भनक लग गई थी, जिसके कारण उसने ऐन वक्त पर राशि लेने से मना कर दिया था। लेकिन, वॉइस रिकॉर्डर में दर्ज वॉइस सैम्पल और ट्रांसस्क्रिप्ट के पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर लोकायुक्त ने केस दर्ज किया।

साक्ष्यों के आधार पर हुई सजा
लोकायुक्त संगठन की ओर से विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार पाठक ने पैरवी की। मामले में आरोपी पक्ष ने रिश्वत के रुपए नहीं लेने की बात कहकर दोषमुक्त होने की मांग की थी। लेकिन वॉइस रिकार्ड में दर्ज आवाज व वॉइस प्रमाण पत्र और ट्रांसस्क्रिप्ट के आधार पर न्यायालय ने माना कि भ्रष्टाचार के साक्ष्य पर्याप्त हैं और आरोपी को दोषी सिद्ध करते हुए जेल की सजा सुनाई। अभियोजन संचालन में आरक्षक संजीव कुमारिया का विशेष सहयोग रहा।

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